पार्वती घाटी रेव पार्टी मामले में प्रशासनिक फेरबदल, हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार
पार्वती घाटी रेव पार्टी मामले में प्रशासनिक फेरबदल, हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार
ख़बर ख़ास | शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुल्लू जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को बदल दिया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखने के बाद की गई है, जिसमें निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए तत्कालीन अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए गए थे। सरकार ने आईएएस अधिकारी अनुराग शर्मा की जगह एचपीएएस अधिकारी सुरजीत सिंह को कुल्लू के उपायुक्त का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। वहीं आईपीएस अधिकारी अभिषेक को नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पूर्व एसपी मदन लाल को पुलिस मुख्यालय शिमला में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं और उनकी नई तैनाती बाद में तय की जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है।
यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब कुल्लू की पार्वती घाटी और कसोल क्षेत्र में आयोजित कथित रेव पार्टियों का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें तत्कालीन डीसी और एसपी के तबादले को आवश्यक बताया गया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने फिलहाल एफआईआर दर्ज करने, एसआईटी गठित करने और विभागीय कार्रवाई से जुड़े हाईकोर्ट के निर्देशों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए संबंधित अधिकारियों का तबादला जरूरी है, ताकि जांच की पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे।
पूरा मामला जून महीने में कुल्लू जिले की पार्वती घाटी, विशेष रूप से कसोल क्षेत्र में आयोजित कथित रेव पार्टियों से जुड़ा है। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि पर्यटन की आड़ में बड़े पैमाने पर रेव पार्टियों का आयोजन किया गया, जहां खुलेआम नशीले पदार्थों का सेवन और अवैध कारोबार होता रहा। याचिका में यह भी कहा गया कि प्रशासन और पुलिस को समय रहते इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
इसी आधार पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को तत्कालीन उपायुक्त अनुराग शर्मा, एसपी मदन लाल और संबंधित एसडीएम का एक सप्ताह के भीतर तबादला करने का निर्देश दिया था। साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज करने और डीआईजी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के आदेश भी दिए गए थे। बाद में राज्य सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए कुल्लू में नए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के बाद रेव पार्टी मामले की जांच और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सरकार की जवाबदेही और बढ़ेगी। पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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January 18, 2026
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