प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता शांति बहाल करने, मुक्त व्यापार और आवाजाही सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में स्थायी कूटनीतिक समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता शांति बहाल करने, मुक्त व्यापार और आवाजाही सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र में स्थायी कूटनीतिक समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
खबर खास | नई दिल्ली
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा का दुनिया भर के नेताओं ने स्वागत किया है। इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में किए जाने की योजना है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विकास का समर्थन करते हुए इसे पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए हुए समझौते का स्वागत करता हूँ। लंबे समय से जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक व्यवधान पैदा किए हैं और कई देशों में जान-माल की हानि हुई है।”
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा लोगों की आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।
“भारत को उम्मीद है कि इस समझौते का क्रियान्वयन क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान देगा और नौवहन तथा वाणिज्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा। हम यह भी अपेक्षा करते हैं कि शेष मुद्दों पर संवाद एक स्थायी और अंतिम समाधान की ओर ले जाएगा,” प्रधानमंत्री ने आगे कहा।
इस समझौते को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता में सुधार की उम्मीद है।
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