कांगड़ा, चंबा, सिरमौर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट, भूस्खलन से 68 सड़कें अब भी बंद; मानसून सीजन में 249 लोगों की मौत
कांगड़ा, चंबा, सिरमौर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट, भूस्खलन से 68 सड़कें अब भी बंद; मानसून सीजन में 249 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 31 अगस्त से राज्य में मानसून की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और 3 सितंबर तक कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में जनजीवन पहले ही प्रभावित है और राज्य की 68 सड़कें अभी भी बाधित हैं।
बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में सबसे अधिक 73.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुलेर में 29.0, कांगड़ा में 22.8, नयना देवी में 12.8, जोगिंद्रनगर में 11.0 और नगरोटा सूरियां में 8.4 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं शनिवार को शिमला और आसपास के क्षेत्रों में धूप खिली रही।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 अगस्त को राज्य के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि 30 अगस्त और 4 सितंबर को भी कुछ क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। सबसे अधिक सक्रिय मौसम 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच रहने की संभावना है। इस अवधि में प्रदेश के कई भागों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
31 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 1 सितंबर को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का अलर्ट है। 2 सितंबर को हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। ऐसे में इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून में अब तक 249 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान आपदा ने भारी तबाही मचाई है। 30 जून से 28 अगस्त तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं के कारण 249 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 401 लोग घायल हुए हैं। इनमें 103 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है।
इस अवधि के दौरान प्रदेश में 32 पक्के और 65 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 432 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। आपदा की चपेट में 17 दुकानें और 380 गोशालाएं भी आई हैं। प्रदेश में इस मानसून के दौरान हुए नुकसान का कुल आंकड़ा बढ़कर 1,18,388.50 लाख रुपये पहुंच गया है।
सामान्य से 10 फीसदी कम हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। 20 जून से 28 अगस्त के बीच प्रदेश में 540 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 598 मिलीमीटर माना जाता है। इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
जिलावार स्थिति देखें तो शिमला, कुल्लू और सिरमौर में बारिश की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जबकि प्रदेश के अन्य नौ जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। अगस्त महीने में भी बारिश सामान्य से कम रही। 1 से 28 अगस्त तक प्रदेश में 203 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 241 मिलीमीटर है। यानी अगस्त में अब तक करीब 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
तापमान में भी गिरावट के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में राज्य के कई भागों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं अधिकतम तापमान में भी 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आने का अनुमान है।
मानसून के दोबारा सक्रिय होने के साथ प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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