नगला क्षेत्र में सुशमा सोसायटी के पास बिखरे मिले दूध से भरे और खाली पैकेट, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल; प्रशासन से जांच और तत्काल सफाई की मांग
नगला क्षेत्र में सुशमा सोसायटी के पास बिखरे मिले दूध से भरे और खाली पैकेट, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल; प्रशासन से जांच और तत्काल सफाई की मांग
जीरकपुर। जीरकपुर के नगला क्षेत्र में सुशमा सोसायटी के पास खुले मैदान में एक्सपायरी अमूल दूध के हजारों पैकेट मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मैदान में बड़ी संख्या में दूध से भरे पैकेटों के अलावा सैकड़ों खाली पैकेट भी बिखरे हुए पाए गए। पैकेटों पर दर्ज जानकारी के मुताबिक, दूध की एक्सपायरी 8 जून को ही हो चुकी थी। कई दिनों से खुले में पड़े इन पैकेटों से अब दुर्गंध भी उठने लगी है, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव नगला के निवासी निक्का सिंह, मनदीप सिंह और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, गुरुवार शाम तक मैदान में इस तरह के दूध के पैकेट दिखाई नहीं दे रहे थे। शुक्रवार सुबह जब लोगों ने मैदान का रुख किया तो वहां बड़ी संख्या में दूध के पैकेट बिखरे हुए मिले। अचानक इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दूध खुले मैदान में मिलने के बाद ग्रामीणों में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा हो गया।
मामले में सबसे बड़ा सवाल उन सैकड़ों खाली पैकेटों को लेकर उठ रहा है, जिनमें पहले दूध मौजूद था। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर इन पैकेटों में भरा दूध कहां गया। लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं एक्सपायरी दूध का इस्तेमाल पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद तैयार करने में तो नहीं किया गया। हालांकि, अभी तक इस आशंका की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसे साबित करने वाला कोई ठोस सबूत सामने आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक्सपायरी दूध का किसी खाद्य उत्पाद को तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है तो यह बेहद गंभीर मामला हो सकता है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। इसी वजह से लोगों ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
खुले मैदान में बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायरी दूध पड़े होने से अब आसपास दुर्गंध फैलने लगी है। ग्रामीणों को आशंका है कि लंबे समय तक पैकेट पड़े रहने से मक्खियों और अन्य कीड़े-मकौड़ों की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा आवारा पशुओं के भी इन पैकेटों के आसपास जमा होने की संभावना है, जिससे इलाके में गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्सपायरी दूध के सभी पैकेटों को जल्द से जल्द मैदान से हटाया जाए और मौके की सफाई करवाई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इतनी बड़ी मात्रा में दूध की खेप वहां किसने और क्यों फेंकी। लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से खाली पैकेटों की भी जांच करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनमें मौजूद दूध का क्या किया गया और कहीं इसका इस्तेमाल मानव उपभोग से जुड़े किसी उत्पाद में तो नहीं हुआ।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है। इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दूध खुले में मिलने से जहां स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं खाली पैकेटों में मौजूद दूध को लेकर उठ रही आशंका ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
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