स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹14,000 करोड़ का प्रावधान; डिजिटल सेवाओं, ढांचे के विस्तार और निवारक स्वास्थ्य पर जोर
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹14,000 करोड़ का प्रावधान; डिजिटल सेवाओं, ढांचे के विस्तार और निवारक स्वास्थ्य पर जोर
ख़बर खास | हरियाणा :
हरियाणा के सीएम सैनी ने गुरुवार को कहा कि “स्वस्थ हरियाणा” ही “विकसित हरियाणा” की आधारशिला है और राज्य सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चंडीगढ़ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन—सार्वजनिक स्वास्थ्य में सर्वोत्तम और अनुकरणीय प्रथाओं—को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग ₹14,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 32.89 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सभी नागरिकों को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 2014 में ₹2,646 करोड़ रहा स्वास्थ्य बजट बढ़कर 2025–26 में ₹10,500 करोड़ हो गया है, जो लगभग 298 प्रतिशत की वृद्धि है।
सम्मेलन को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देशभर की बेहतर स्वास्थ्य पहलों और नवाचारों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केयर कंपैनियन प्रोग्राम के तहत 188 केंद्रों पर मरीजों के परिजनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें व्हाट्सएप आधारित मोबाइल सेवा से जोड़ा गया है। ई-संजीवनी पहल के माध्यम से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन 2,200 से अधिक टेली-परामर्श किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से जुड़ पा रहे हैं।
डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 17 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें 700 से बढ़कर 2,710 हो गई हैं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव दर 98.80 प्रतिशत तक पहुंच गई है और पूर्ण टीकाकरण 100 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ‘निरोगी हरियाणा’ योजना के तहत लगभग 1 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग और 5.86 करोड़ से अधिक मुफ्त जांचें की जा चुकी हैं।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करते हुए 550 एंबुलेंस को डायल-112 से जोड़ा गया है, जो 9–10 मिनट में मौके पर पहुंच रही हैं। इसके अलावा डायलिसिस, सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निवारक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि केवल इलाज ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारियों की रोकथाम ही असली स्वास्थ्य सेवा है। उन्होंने लोगों से जागरूकता बढ़ाने, योग और फिटनेस को अपनाने का आह्वान किया।
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