मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा में कहा— पंजाब में पोटाश के महत्वपूर्ण भंडार, कई नदी क्षेत्रों में सोने के संकेत मिलने की जीएसआई रिपोर्ट का किया उल्लेख
मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने विधानसभा में कहा— पंजाब में पोटाश के महत्वपूर्ण भंडार, कई नदी क्षेत्रों में सोने के संकेत मिलने की जीएसआई रिपोर्ट का किया उल्लेख
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गुरुवार को पंजाब विधानसभा में बताया कि राज्य में पोटाश और सोने सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों में मिले इन संकेतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
विधानसभा में भाजपा नेता अश्विनी शर्मा द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए गोयल ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान केंद्र सरकार द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में पंजाब को खनन प्रदर्शन के मामले में देश में पहला स्थान मिला था और राज्य को 200 करोड़ रुपये का प्रशंसा पुरस्कार भी दिया गया था।
मंत्री ने बताया कि पंजाब में पोटाश के भंडार पहली बार वर्ष 1989 में श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों में चिन्हित किए गए थे। उन्होंने कहा कि कबरवाला, शेरेवाला, रामसरा, शेरगढ़ और दलमीर खेड़ा ऐसे प्रमुख ब्लॉक हैं, जहां पोटाश के भंडार पाए गए हैं। उनके अनुसार ये भंडार जमीन से लगभग 450 मीटर की गहराई में स्थित हैं।
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने इस विषय पर ओडिशा और गुजरात का दौरा किया तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पोटाश एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है, जो भारत में बहुत कम मात्रा में मिलता है। ऐसे में पंजाब में इसके भंडार होने के बावजूद पहले इस दिशा में कोई ठोस पहल क्यों नहीं की गई, यह बड़ा सवाल है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अब आगे के अन्वेषण कार्य के लिए 19 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और राज्य के 10 अलग-अलग स्थानों पर ड्रिलिंग का कार्य शुरू हो चुका है।
मंत्री ने यह भी दावा किया कि पंजाब में सोने के भंडार होने के संकेत वर्ष 1985-86, 1986-87, 1991-92 और 1993-94 के दौरान किए गए सर्वेक्षणों में मिले थे। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ नमूनों में प्रति नमूना 0.8 ग्राम तक सोने की मात्रा दर्ज की गई थी।
गोयल के अनुसार, सिसवां नदी के लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र और बुडकी नदी के करीब 8 किलोमीटर क्षेत्र में सोने की अपेक्षाकृत अधिक मात्रा के संकेत मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन रिपोर्टों के बावजूद न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार ने इन संभावित सोने के भंडारों पर गंभीरता से ध्यान दिया।
विधानसभा में चर्चा के दौरान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने भाखड़ा बांध को लेकर हाल ही में आई मीडिया रिपोर्टों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बांध के झुकने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं तथा इनसे लोगों में अनावश्यक डर का माहौल पैदा हुआ।
उन्होंने बताया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भाखड़ा बांध का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि पानी के दबाव के कारण उसमें मामूली संरचनात्मक हलचल होना सामान्य प्रक्रिया है। वर्ष 1995 से 2025 के बीच ऐसी हलचल 15 बार दर्ज की गई है और पानी का दबाव कम होने पर बांध अपनी मूल स्थिति में वापस आ जाता है।
गोयल ने कहा कि भाखड़ा बांध पंजाब की सबसे उत्कृष्ट इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों की विशेषज्ञ टीमों ने भी इसकी इंजीनियरिंग की सराहना की है। उन्होंने दोहराया कि बांध के खतरनाक तरीके से झुकने की खबरें पूरी तरह निराधार और गलत हैं।
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