सुरजीत हॉकी अकादमी के 70 से अधिक युवा स्वयंसेवक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को यादगार बनाने में जुटे; जालंधर में मुकाबलों को देखने पहुंच रहे हॉकी प्रेमी, खिलाड़ियों के परिजन और पूर्व ओलंपियन
सुरजीत हॉकी अकादमी के 70 से अधिक युवा स्वयंसेवक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को यादगार बनाने में जुटे; जालंधर में मुकाबलों को देखने पहुंच रहे हॉकी प्रेमी, खिलाड़ियों के परिजन और पूर्व ओलंपियन
खबर खास | जालंधर
पंजाब में पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन राज्य के हॉकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है। जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय हॉकी के रोमांचक मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, भारतीय खिलाड़ियों के परिजन और पूर्व ओलंपियन पहुंच रहे हैं। टूर्नामेंट को लेकर हॉकी प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन कराकर हॉकी प्रेमियों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने इसे राज्य के खेल समुदाय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे दर्शकों को एशिया की शीर्ष हॉकी टीमों को अपने घर में खेलते हुए देखने का अवसर मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब ने वर्ष 2030 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है। यह राज्य को अंतरराष्ट्रीय हॉकी के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने भी पंजाब के हॉकी बुनियादी ढांचे की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।
भारतीय टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक के नाम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके परिवार के सदस्य भी नियमित रूप से स्टेडियम पहुंच रहे हैं।
हरमनप्रीत सिंह के माता-पिता सरबजीत सिंह और राजविंदर कौर, पत्नी अमनदीप कौर, उनके सास-ससुर और बेटियां रुहानी तथा मेहर भी मुकाबले देखने पहुंचीं। इस दौरान एक खास पल तब देखने को मिला, जब हरमनप्रीत की चार महीने की बेटी मेहर पहली बार हॉकी मैदान पहुंची। मैच के बाद हरमनप्रीत ने अपनी बेटी को प्यार से गोद में उठाया।
हार्दिक सिंह के पिता वरिंदर सिंह, मां ओनिया राय और छोटे भाई ने भी स्टेडियम में पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया। हार्दिक के छोटे भाई ने हाल ही में भारत की ओर से जूनियर एशिया कप जीता है। वरिंदर सिंह ने पहले मैच के दौरान मुख्यमंत्री की एसपीजी सुरक्षा व्यवस्था में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई।
भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए अन्य परिजन भी स्टेडियम पहुंच रहे हैं। इनमें मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह और दविंदरजीत कौर, सुखजीत सिंह के माता-पिता अजीत सिंह और कुलदीप कौर, जरमनप्रीत सिंह के माता-पिता बलबीर सिंह और कुलविंदर कौर तथा दिलप्रीत सिंह के माता-पिता बलविंदर सिंह और सुखवंत कौर शामिल हैं।
टूर्नामेंट में हॉकी के कई दिग्गजों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। तीन बार ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान बलजीत सिंह ढिल्लों ने इसे पंजाब की हॉकी के लिए सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करेंगे। ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंदर और गुरबाज सिंह, जो वर्तमान में पंजाब पुलिस में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं, भी मुकाबलों का आनंद लेते नजर आए।
मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने प्रतियोगिता के तीसरे दिन खिलाड़ियों से मुलाकात की। वहीं, ओलंपियन गुरजंत सिंह और गुरविंदर सिंह ने मैन ऑफ द मैच पुरस्कार समारोहों की अध्यक्षता की।
टूर्नामेंट को सफल बनाने में सुरजीत हॉकी अकादमी के 70 से अधिक युवा स्वयंसेवक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये युवा बॉल बॉय के रूप में जिम्मेदारी निभाने के साथ टीमों के मैदान में प्रवेश के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलते हैं और आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।
खास बात यह है कि भारतीय टीम के कई मौजूदा खिलाड़ी, जिनमें हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, हार्दिक सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक शामिल हैं, अपने शुरुआती दिनों में इसी स्टेडियम में अकादमी के खिलाड़ी के रूप में अभ्यास और खेल चुके हैं।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें भारत, दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं। लीग चरण के सभी मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले क्रमशः 4 और 5 नवंबर को मोहाली में आयोजित होंगे।
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