422 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना पर एमओयू से वर्षों पुराना विवाद आगे बढ़ा; मुख्यमंत्री बोले- हिमाचल के जल संसाधनों से होने वाला लाभ अब राज्य के हित में सुरक्षित
422 मेगावाट की बहुउद्देश्यीय परियोजना पर एमओयू से वर्षों पुराना विवाद आगे बढ़ा; मुख्यमंत्री बोले- हिमाचल के जल संसाधनों से होने वाला लाभ अब राज्य के हित में सुरक्षित
खबर खास | शिमला
हिमाचल प्रदेश के लिए किशाऊ पावर प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब 1,200 से 1,500 करोड़ रुपए की आर्थिक आय होने की उम्मीद है। उन्होंने किशाऊ परियोजना के एमओयू को राज्य के जल संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभों के लिहाज से एक नया अध्याय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समझौते के जरिए हिमाचल के हितों को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का सबसे बड़ा प्राकृतिक संसाधन पानी है और इसी संसाधन से तैयार होने वाली बिजली का लाभ भी हिमाचल के हित में सुनिश्चित होना चाहिए। सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय हिमाचल ने परियोजना की लागत वहन करने पर सहमति जताई थी, लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद इस व्यवस्था पर असहमति दर्ज कराई गई।
मुख्यमंत्री के मुताबिक हिमाचल सरकार का स्पष्ट मत था कि यदि केंद्र सरकार लाभ लेने वाले राज्यों तक पानी पहुंचाने की लागत वहन करती है तो हिमाचल के जल संसाधनों से बनने वाली बिजली परियोजना में राज्य के आर्थिक हित भी सुरक्षित होने चाहिए। उन्होंने इसे प्राकृतिक संसाधनों के साथ न्याय का सवाल बताया। सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड ने परियोजना की लागत में अपना हिस्सा वहन करने पर सहमति जताई है।
सुक्खू ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी चर्चा हुई। इसके बाद हिमाचल की ओर से उठाई गई चिंताओं को एमओयू में जगह दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उन्हें खुशी है कि समझौते के माध्यम से राज्य के हित सुरक्षित हुए हैं और आने वाले वर्षों में हिमाचल को इसका बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना टोंस नदी पर प्रस्तावित है। यह परियोजना लंबे समय से वित्तीय जिम्मेदारियों, पानी के बंटवारे और बिजली से होने वाले लाभों के वितरण जैसे मुद्दों के कारण अटकी हुई थी। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
किशाऊ परियोजना में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली शामिल हैं। एमओयू के बाद वर्षों से लंबित इस परियोजना को आगे बढ़ाने की बड़ी बाधा दूर होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे हिमाचल के जल संसाधनों के बेहतर आर्थिक उपयोग की दिशा में अहम कदम बताया।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0