20 लाख पौधारोपण व वन्यजीव संरक्षण उपायों को मिली स्वीकृति मियावाकी तकनीक से विकसित होंगे शहरी वन
20 लाख पौधारोपण व वन्यजीव संरक्षण उपायों को मिली स्वीकृति मियावाकी तकनीक से विकसित होंगे शहरी वन
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संतुलन और जलवायु अनुकूल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैम्पा) के तहत 298.43 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी है। यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई कैम्पा की 10वीं स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया।
योजना के तहत 1,882 हेक्टेयर भूमि पर 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही, 4,518 हेक्टेयर क्षेत्र में पहले से लगाए गए पौधों का संरक्षण और रखरखाव भी किया जाएगा, ताकि पौधारोपण का स्थायित्व और जीवित रहना सुनिश्चित की जा सके।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत कार्य योजना केवल वित्तीय प्रावधान नहीं, बल्कि प्रदेश के पर्यावरणीय भविष्य में एक रणनीतिक निवेश है। उन्होंने परिणाम आधारित कार्यप्रणाली, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण और तापमान वृद्धि को कम करने के लिए राज्य में 16 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से घने शहरी वन विकसित किए जाएंगे। ये तेजी से विकसित होने वाले वन शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने और वायु गुणवत्ता सुधारने में सहायक होंगे।
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 22 जिलों के वन कार्यालयों में 15 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। कैम्पा के तहत वित्तपोषित इस पहल से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने, परिचालन लागत घटाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी।
शिवालिक की पहाड़ियों और अरावली क्षेत्र की पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए इन क्षेत्रों में कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट कार्यों के लिए 33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के तहत मृदा संरक्षण, जल संचयन और क्षतिग्रस्त भूमि के पुनरूद्धार पर ध्यान दिया जाएगा। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
वन और वन्य जीव संरक्षण को पुख्ता बनाने के लिए 20 नई वन चौकी स्थापित करने, 60 अतिरिक्त वन रक्षकों की तैनाती और गश्ती वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, घायल वन्यजीवों के लिए रेस्क्यू वाहन तथा फील्ड स्टाफ के लिए आवासीय क्वार्टर बनाने की भी स्वीकृति दी गई है।
योजना के तहत ‘हरितिमा: हरियाली का रंग, हरियाणा के संग‘ के नाम से पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें सरकारी स्कूलों की कक्षा 6 से 10वीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत प्रदेशभर में 70 ईको कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विद्यार्थियों को वन क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और ईको-पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के ‘अनुभूति’ मॉडल से प्रेरित है, जिसका मकसद अनुभव आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से योजना में थर्ड पार्टी निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। साथ ही भूमि चयन, क्रियान्वयन और विभागों के बीच समन्वय के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) भी स्थापित की जाएगी।
योजना को अब अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय कैम्पा को भेजा जाएगा, जिसके बाद प्रदेशभर में इसका क्रियान्वयन शुरू होगा।
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