बेंगलुरु बना देश का सबसे मजबूत हाउसिंग मार्केट, बिक्री और नई परियोजनाओं में गिरावट से NCR की रफ्तार धीमी
बेंगलुरु बना देश का सबसे मजबूत हाउसिंग मार्केट, बिक्री और नई परियोजनाओं में गिरावट से NCR की रफ्तार धीमी
खबर खास | नई दिल्ली
वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1CY26) में भारत के रियल एस्टेट बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया है। ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की लगातार बढ़ती मांग के कारण देश के प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री और संपत्तियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बढ़ती ब्याज दरों के बावजूद खरीदारों का भरोसा कायम है, जिससे बाजार में निवेशकों और एंड-यूजर्स दोनों की सक्रिय भागीदारी बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, H1CY26 के दौरान देशभर में आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री मूल्य (Sales Value) में साल-दर-साल 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं दूसरी तिमाही (Q2CY26) में बिक्री मूल्य 9 प्रतिशत बढ़ा। केवल जून 2026 में ही बिक्री मूल्य में 5 प्रतिशत वार्षिक और 6 प्रतिशत मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार बनी मजबूत मांग का संकेत है।
बेंगलुरु और चेन्नई बने ग्रोथ के प्रमुख केंद्र
दक्षिण भारत के शहरों ने इस अवधि में सबसे शानदार प्रदर्शन किया। बेंगलुरु में मांग मूल्य (Demand Value) में 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि चेन्नई में यह वृद्धि 26 प्रतिशत रही। इसके अलावा मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे और कोलकाता में भी लगभग 13 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली।
बिक्री की मात्रा (Sales Volume) के मामले में भी बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य प्रमुख शहरों में बिक्री मात्रा 4 से 9 प्रतिशत के बीच बढ़ी। इसके विपरीत नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) का प्रदर्शन कमजोर रहा। यहां बिक्री मूल्य में 7 प्रतिशत और बिक्री मात्रा में 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग में मिला-जुला रुझान
आपूर्ति (Supply) के मोर्चे पर तस्वीर मिश्रित रही। H1CY26 के दौरान देशभर में नई हाउसिंग परियोजनाओं की लॉन्चिंग में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। MMR, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद में नई परियोजनाओं की संख्या 10 से 43 प्रतिशत तक बढ़ी। हालांकि NCR और चेन्नई में नए प्रोजेक्ट लॉन्च 21 से 34 प्रतिशत तक घट गए।
मांग और आपूर्ति दोनों मोर्चों पर मजबूत प्रदर्शन के चलते बेंगलुरु देश का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला आवासीय बाजार बनकर उभरा।
अनसोल्ड इन्वेंट्री रही स्थिर
देशभर में अनबिकी (Unsold) हाउसिंग इन्वेंट्री लगभग 20 महीने के स्तर पर स्थिर रही। पुणे में सबसे बेहतर स्थिति रही, जहां केवल 14 महीने की इन्वेंट्री उपलब्ध है। अधिकांश अन्य बड़े शहरों में यह आंकड़ा 17 से 22 महीने के बीच रहा। वहीं हैदराबाद में सबसे अधिक 29 महीने की अनसोल्ड इन्वेंट्री दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में बढ़ी आपूर्ति की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी बिक्री को दर्शाती है।
घरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, Q2CY26 के दौरान देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई। प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की मजबूत मांग इसका मुख्य कारण रही। चेन्नई में घरों की कीमतों में सबसे अधिक 20 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि हुई, जबकि अन्य प्रमुख शहरों में कीमतें 4 से 8 प्रतिशत तक बढ़ीं।
रियल एस्टेट और रियल्टी शेयरों का आउटलुक
नुवामा का मानना है कि आने वाले समय में रियल एस्टेट कंपनियों और उनके शेयरों का प्रदर्शन केवल कीमतों में बढ़ोतरी पर नहीं, बल्कि घरों की बिक्री की संख्या (Volume Growth) पर अधिक निर्भर करेगा। रिपोर्ट में डेवलपर्स को सलाह दी गई है कि वे धीरे-धीरे अपना फोकस केवल लग्जरी हाउसिंग तक सीमित रखने के बजाय मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग की ओर भी बढ़ाएं, जहां मांग अधिक व्यापक और टिकाऊ रहने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, नियंत्रित कीमतें और ग्राहकों की पहुंच के अनुरूप प्रॉपर्टी की लागत बनाए रखना भविष्य में बिक्री की रफ्तार बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। विशेष रूप से ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ की श्रेणी वाले आवासीय बाजार में NCR को आगे भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि बेंगलुरु और चेन्नई को दीर्घकालिक विकास के लिए सबसे मजबूत बाजार माना गया है।
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