नई दिल्ली में इंडो-जापान कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और सतत विकास में साझेदारी का आह्वान
नई दिल्ली में इंडो-जापान कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और सतत विकास में साझेदारी का आह्वान
ख़बर खास | हरियाणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को जापानी निवेशकों को हरियाणा में निवेश करने का आमंत्रण दिया और राज्य को भारत में जापानी उद्योगों का प्रमुख केंद्र बताया। नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी रही है, जो आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के साथ मिलकर मजबूत सप्लाई चेन और अगली पीढ़ी का औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है, जिससे एक स्मार्ट, हरित और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि हरियाणा आज देश में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां करीब 394 जापानी कंपनियां और 600 से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। यह बढ़ती भागीदारी दोनों देशों के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों और हरियाणा के निवेश-अनुकूल माहौल को दर्शाती है।
पिछले वर्ष अक्टूबर में अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए सैनी ने कहा कि वहां की कंपनियों ने हरियाणा में निवेश को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने बताया कि नौ प्रमुख जापानी कंपनियों ने राज्य में करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश का आश्वासन दिया है, जो औद्योगिक विकास को और गति देगा। उन्होंने कहा कि इस विश्वास के चलते हरियाणा जापानी कंपनियों के लिए “होम अवे फ्रॉम होम” बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत-जापान संबंध केवल व्यापार या सरकार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दिल से दिल (H2H) के रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों के साझा मूल्यों—विश्वास, अनुशासन, सामंजस्य, परंपराओं के सम्मान और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता—का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में ऐसे भरोसेमंद रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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