लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिमला में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंचने से पर्यटन और सेब सीजन पर असर को लेकर चिंता जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों को लेकर हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिमला में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंचने से पर्यटन और सेब सीजन पर असर को लेकर चिंता जताई जा रही है।
खबर खास | शिमला
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार, 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे पहले से बढ़ते खर्चों से जूझ रहे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
शिमला में पेट्रोल की कीमत 99.96 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 91.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि करीब 12 साल पहले यूपीए सरकार के दौरान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल थी, तब भी पेट्रोल करीब 55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था।
नेगी ने दावा किया कि वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत लगभग उसी स्तर पर है, लेकिन पेट्रोल और डीजल कई जगहों पर 100 रुपये के पार पहुंच चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतें 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की “गलत नीतियों” के कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन और सेब सीजन की तैयारियां चल रही हैं, और ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था, परिवहन खर्च और आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर पड़ेगा।
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