पंजाब के मुख्यमंत्री ने जालंधर के गांव में ‘लोक मिलनी’ के दौरान महिला वित्तीय सहायता योजना के लाभ बताए, कहा- करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनकल्याण के लिए किया जा रहा है
पंजाब के मुख्यमंत्री ने जालंधर के गांव में ‘लोक मिलनी’ के दौरान महिला वित्तीय सहायता योजना के लाभ बताए, कहा- करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल जनकल्याण के लिए किया जा रहा है
खबर खास | जालंधर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को जालंधर के सरिह गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहलों, विशेष रूप से महिलाओं को दी जा रही वित्तीय सहायता के बारे में बताया।

सभा को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि पंजाब के लोग पहले ही अपना मन बना चुके हैं और उनकी सरकार आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का उत्साह मौजूदा सरकार के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कई लोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपना रोजमर्रा का काम छोड़कर आए हैं।
महिलाओं के बैंक खातों में जमा की जा रही वित्तीय सहायता के प्रभाव का उल्लेख करते हुए मान ने संदेशों और वीडियो के उदाहरण साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें नियमित रूप से महिलाओं के संदेश और वीडियो मिलते हैं, जिनमें वे इस योजना से मिलने वाली खुशी के बारे में बताती हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं ने इस पैसे से दुकानों पर उधार चुकाया, जबकि अन्य ने अपने घरों में रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) वाटर प्यूरीफायर लगवाए। उन्होंने बताया कि कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने इस सहायता राशि से अपने पोते-पोतियों के लिए साइकिलें भी खरीदीं।

हल्के-फुल्के अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि महीना समाप्त होने वाला है और महीने की पहली तारीख को महिलाओं के बैंक खातों में पैसे जमा होने पर उनके मोबाइल फोन पर जल्द ही सूचना आ जाएगी।
मान ने कहा, “₹1,500 से कोई अमीर नहीं बन सकता, लेकिन यह आम परिवारों को आर्थिक सहायता देता है और महिलाओं को सम्मान के साथ जीने में मदद करता है।” उन्होंने बताया कि घरेलू बजट के लिहाज से यह सहायता कितनी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि इस योजना से केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के पुरुष भी खुश हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को पैसे के लिए बार-बार अपने पतियों से मांग करनी पड़ती थी, जबकि अब सीधे उनके बैंक खातों में पैसे आने से उन्हें अधिक आर्थिक स्वतंत्रता मिली है और घरों का माहौल भी खुशहाल हुआ है।

‘यह जनता का पैसा है, सरकार की खैरात नहीं’
जनकल्याणकारी योजनाओं में सार्वजनिक धन के इस्तेमाल के बारे में बताते हुए मान ने कहा कि इन योजनाओं पर खर्च किया जाने वाला पैसा सरकार की खैरात नहीं, बल्कि जनता का अपना पैसा है।
उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक रोजमर्रा की खरीदारी और उपभोग की वस्तुओं पर लगने वाले करों के माध्यम से सरकारी राजस्व में योगदान देना शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति घर की बुनियादी जरूरतों का सामान भी खरीदता है, तो उसमें शामिल कर का हिस्सा सार्वजनिक राजस्व में योगदान देता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया, जबकि मौजूदा सरकार प्रत्येक रुपये का इस्तेमाल लोगों के कल्याण के लिए कर रही है।
मान ने दोहराया कि उनकी सरकार आम परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल नागरिकों के लाभ के लिए किया जाए।
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