40,000 पन्नों की चार्जशीट में कथित वित्तीय लेन-देन का ब्योरा; आम आदमी पार्टी के मंत्री ने 2007 से 2017 तक के अकाली-भाजपा शासन पर साधा निशाना, कहा- नशा विरोधी अभियान के तहत 80,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं
40,000 पन्नों की चार्जशीट में कथित वित्तीय लेन-देन का ब्योरा; आम आदमी पार्टी के मंत्री ने 2007 से 2017 तक के अकाली-भाजपा शासन पर साधा निशाना, कहा- नशा विरोधी अभियान के तहत 80,000 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं
खबर खास | चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर कंपनियों के एक नेटवर्क से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन के जरिए ₹736.96 करोड़ जमा करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान चिट्टे का प्रसार होने से पंजाब के युवाओं और हजारों परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चीमा ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से मजीठिया के खिलाफ दायर 40,000 पन्नों की चार्जशीट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जांच में ₹736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन का पता चला है। उनके अनुसार, जांच के निष्कर्षों से धन के स्रोत, कंपनियों के बीच पैसे के लेन-देन और कथित तौर पर इन लेन-देन को दूसरे रास्तों से संचालित करने के लिए इस्तेमाल की गई वित्तीय संरचनाओं को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
चीमा ने कहा कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के फ्लाइंग स्क्वॉड ने मोहाली में 25 जून, 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(e) और 13(2) के तहत एफआईआर नंबर 22 दर्ज की थी। उन्होंने बताया कि जांच में 2 मार्च, 2007 से 31 मार्च, 2017 तक की अवधि को शामिल किया गया है।
चीमा के अनुसार, पूरक चार्जशीट में कई कंपनियों से जुड़े लेन-देन का ब्योरा दिया गया है। इनमें सराया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, पेरेग्रीन सराया ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, एस.डी. बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए2जेड ट्रांसपोर्ट/पटियाला एक्सप्रेस, ए.डी. एंटरप्राइजेज, हरप्रीत गुलाटी एचयूएफ (यूनाइटेड वाइन्स), आकाश एंटरप्राइजेज, यूडब्ल्यू एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, ए.डी. एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और आकाश स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
जांच के दायरे में ₹736.96 करोड़ के लेन-देन
चार्जशीट में बताए गए वित्तीय निष्कर्षों का ब्योरा देते हुए चीमा ने कहा कि जांच में सराया इंडस्ट्रीज के बैंक खातों में ₹170.39 करोड़ की अतिरिक्त नकद जमा राशि, विदेशी संस्थाओं से कंपनी को मिले कथित अनुचित लाभ के रूप में ₹176.56 करोड़ और ₹127.90 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि का पता चला है।
उन्होंने नवांशहर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित अनुचित लाभ के रूप में ₹16.68 करोड़, सराया इंडस्ट्रीज में अस्पष्ट वृद्धि के रूप में ₹194.62 करोड़ और बेहिसाब धनराशि के रूप में ₹50.81 करोड़ का भी उल्लेख किया।
चीमा ने कहा कि वित्तीय लेन-देन का यह सिलसिला धन के स्रोत और उसके आवागमन के साथ-साथ कुछ संस्थाओं के बाद में गायब होने या बंद हो जाने को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में जांच के निष्कर्ष अदालत के सामने रखे गए हैं और जवाबदेही का निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
चीमा ने 2007 से 2017 तक के अकाली-भाजपा शासन पर साधा निशाना
अकाली-भाजपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए चीमा ने 2007 से 2017 तक के उसके शासनकाल को पंजाब के इतिहास के सबसे अंधकारमय दौरों में से एक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की समस्या ने परिवारों को तबाह कर दिया, युवाओं का जीवन बर्बाद किया और माता-पिता को अपने बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि उस अवधि के दौरान मजीठिया कैबिनेट मंत्री थे और वह अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के साले हैं, जो उस समय उपमुख्यमंत्री थे। चीमा ने सवाल उठाया कि जांच के दायरे में आया वित्तीय साम्राज्य कैसे खड़ा किया गया और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जवाबदेही तय करने की मांग की।
2017 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए चीमा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नशे को खत्म करने के वादों के बावजूद पंजाब इस समस्या से जूझता रहा।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग एक और दशक बर्दाश्त नहीं कर सकते, जिसमें नशे के नेटवर्क फलते-फूलते रहें और हमारे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाए।” उन्होंने कहा कि नशे से हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत 80,000 से अधिक गिरफ्तारियां
नशे के खिलाफ आम आदमी पार्टी सरकार के अभियान का उल्लेख करते हुए चीमा ने कहा कि मार्च 2022 से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।
उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के तहत 80,000 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े नशा तस्करों को निशाना बनाने के साथ-साथ नशे की लत से जूझ रहे लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए भी काम कर रही है।
चीमा ने कहा, “हमारा अभियान नशे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को खत्म करने और नशे की लत से प्रभावित लोगों को उबरने में मदद करने, दोनों पर केंद्रित है। हम पंजाब के युवाओं की रक्षा करने और राज्य को चिट्टे के संकट के अंधकारमय दौर में लौटने से रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
गुजरात के बंदरगाहों पर हेरोइन की बरामदगी को लेकर सवाल उठाए
नशा तस्करी से निपटने के भाजपा के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए चीमा ने गुजरात के बंदरगाहों पर हेरोइन की बड़ी खेप पकड़े जाने की खबरों का जिक्र किया। उन्होंने उन रास्तों को लेकर सवाल उठाए, जिनके जरिए मादक पदार्थ देश में प्रवेश करते हैं, और तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल किया।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मजिठिया के बीच किसी कथित राजनीतिक समझौते को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब को व्यापक नशे की समस्या वाले दौर में वापस नहीं जाने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “नशे की समस्या के कारण पंजाब पहले ही भारी नुकसान झेल चुका है। हम राज्य को दोबारा उसी संकट में धकेलने नहीं देंगे।” उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और राज्य के युवाओं की रक्षा करने में विफल रहे लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
आप सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए चीमा ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार नशे के नेटवर्क को खत्म करने, तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के अपने प्रयास जारी रखेगी।
उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि विजिलेंस ब्यूरो की चार्जशीट में जांच के दायरे में आने वाले वित्तीय लेन-देन को अदालत के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को चिट्टे से जुड़ी तबाही दोबारा झेलने से बचाने के लिए सरकार नशे के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी।
चीमा की ओर से लगाए गए आरोप और बताए गए वित्तीय निष्कर्ष न्यायिक जांच के अधीन हैं। संबंधित लोगों की कानूनी जवाबदेही का निर्धारण अदालत करेगी।
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