मंडी और कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित, कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित; मानसून में अब तक 110 लोगों की मौत और 1,242 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
मंडी और कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित, कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित; मानसून में अब तक 110 लोगों की मौत और 1,242 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का कहर लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते सोमवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं प्रभावित रहीं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 7 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा 59 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर बाधित हैं, जबकि छह पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिल रहा है। यहां कुल 36 सड़कें बंद हैं। इनमें सिराज की 30, सुंदरनगर की एक, सरकाघाट की तीन और थलौट की दो सड़कें शामिल हैं। जिले में 40 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। अकेले जोगिंद्रनगर क्षेत्र में 35 ट्रांसफार्मर ठप बताए गए हैं।
कुल्लू में भी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जिले में कुल 22 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू उपमंडल की चार, बंजार की दो, आनी की 12 और निरमंड की चार सड़कें शामिल हैं। निरमंड क्षेत्र में 10 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं।
कांगड़ा जिले में सात सड़कें बंद हैं। इनमें कांगड़ा उपमंडल की एक, शाहपुर की चार, पालमपुर की एक और देहरा की एक सड़क शामिल है। किन्नौर में भी सात सड़कें अवरुद्ध हैं। यहां कल्पा क्षेत्र में सात बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पुरवानी, काशंग इंटेक साइट और तेलंगी क्षेत्र भी बारिश से प्रभावित हैं।
सिरमौर में बारिश के कारण 13 सड़कें बंद हैं। नाहन में पांच, राजगढ़ में दो और संगड़ाह में छह सड़कें प्रभावित हुई हैं। शिमला जिले में रामपुर और सुन्नी उपमंडल की एक-एक सड़क बंद है। यहां दो बिजली ट्रांसफार्मर और पांच पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। चंबा में एक पेयजल योजना बाधित है, जबकि लाहौल-स्पीति के उदयपुर में एक सड़क बंद है। इसके अलावा सोलन के कसौली उपमंडल में एक और ऊना में तीन सड़कें अवरुद्ध हैं।
राज्य सरकार के संचयी नुकसान के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से 6 सितंबर 2026 तक मानसून अवधि में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 110 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, करंट लगने, पेड़ या चट्टान की चपेट में आने समेत अन्य घटनाएं शामिल हैं। वहीं, सड़क हादसों में 164 लोगों की जान गई है।
मानसून के दौरान प्रदेश को अब तक भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में कुल 1,24,273.23 लाख रुपये यानी करीब 1,242.73 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। इसमें निजी और सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं को पहुंचा नुकसान शामिल है।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश में बारिश से प्रभावित सड़कों और जरूरी सेवाओं को जल्द बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सोमवार सुबह 10 बजे की स्थिति में मंडी और कुल्लू जिले सड़क बाधित होने के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बने हुए हैं।
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