हाथीघाट समेत चार घाटों पर तैयार किए गए विसर्जन कुंड, यमुना जल की जगह भरा जाएगा गंगाजल
हाथीघाट समेत चार घाटों पर तैयार किए गए विसर्जन कुंड, यमुना जल की जगह भरा जाएगा गंगाजल
आगरा में गणपति बप्पा की विदाई को लेकर नगर निगम ने विशेष व्यवस्था की है। यमुना नदी में प्रदूषण के कारण मूर्ति विसर्जन पर रोक के चलते अब गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सीधे यमुना में नहीं किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने यमुना किनारे चार प्रमुख घाटों पर अस्थायी कुंड तैयार किए हैं, जिनमें गंगाजल भरकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा।
हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर इन अस्थायी कुंडों का निर्माण किया गया है। आगरा को पालड़ा से पाइपलाइन के जरिए गंगाजल मिलता है और इसी गंगाजल से विसर्जन कुंड भरे जाएंगे। श्रद्धालुओं को इन्हीं निर्धारित कुंडों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अपील की गई है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने नदियों और तालाबों में प्रदूषण को देखते हुए मूर्ति विसर्जन को लेकर रोक के निर्देश जारी किए हैं। इसी के तहत आगरा नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यमुना के किनारे अस्थायी कुंड बनाए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुंडों के आसपास बैरिकेडिंग भी की जा रही है।
विसर्जन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों की भी घाटों पर तैनाती की गई है। शुक्रवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के साथ हाथीघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान क्षेत्रीय जेडएसओ आशुतोष वर्मा को विसर्जन के दौरान घाट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि एनजीटी के निर्देशों के तहत अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्धारित कुंडों में ही करें। नगर निगम की टीमें विसर्जन के दौरान घाटों पर मौजूद रहेंगी और पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगी।
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