बेटी कोंडा सुष्मिता की कथित टिप्पणी बनी विवाद की वजह, कांग्रेस अनुशासन समिति ने पहले ही की थी कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
बेटी कोंडा सुष्मिता की कथित टिप्पणी बनी विवाद की वजह, कांग्रेस अनुशासन समिति ने पहले ही की थी कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
तेलंगाना में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। यह कार्रवाई उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता की कथित टिप्पणियों को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच की गई है। इन टिप्पणियों को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर भी नाराजगी सामने आई थी और पार्टी के कुछ विधायकों ने कोंडा सुरेखा से माफी मांगने की मांग की थी।
मामले के बढ़ने के बाद कोंडा सुरेखा ने पार्टी के सामने अपना पक्ष रखा था। इसके कुछ ही दिनों बाद यह कार्रवाई सामने आई। बताया जा रहा है कि सुरेखा को कैबिनेट से हटाने का फैसला दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को उन्हें दिल्ली बुलाया था। बैठक में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उप मुख्यमंत्री और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
इस विवाद पर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी थी। समिति ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को दी थी। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में कोंडा सुरेखा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। समिति ने उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों को पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए नुकसानदेह माना था।
अनुशासन समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कोंडा सुरेखा को अपनी बेटी की टिप्पणियों की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए थी। समिति ने यह भी उल्लेख किया था कि पार्टी अनुशासन के उल्लंघन को लेकर सुरेखा पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि, कोंडा सुरेखा ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए अपनी बेटी की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया था। अनुशासन समिति के कारण बताओ नोटिस के जवाब में उन्होंने कहा था कि वारंगल जिले के परकाला में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी बेटी ने जो बातें कहीं, वे उसके निजी विचार थे। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के खिलाफ बेटी की कथित टिप्पणियों के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
सुरेखा ने अपने जवाब में यह भी कहा था कि उन्होंने अपनी बेटी के बयानों का समर्थन नहीं किया और खुद को उन टिप्पणियों से अलग करती हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस अनुशासन समिति से उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस लेने का अनुरोध भी किया था।
अब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से कोंडा सुरेखा को कैबिनेट से हटाए जाने के बाद तेलंगाना कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति गरमा गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पार्टी नेतृत्व लगातार अनुशासन और सार्वजनिक बयानों को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दे रहा है। कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने का फैसला राज्य की सियासत में आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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