पन्नू ने एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर बादल से महिला के ठहरने, 1 लाख रुपये की इलाज सहायता और रजिस्टर में गड़बड़ी को लेकर मांगे जवाब
पन्नू ने एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर बादल से महिला के ठहरने, 1 लाख रुपये की इलाज सहायता और रजिस्टर में गड़बड़ी को लेकर मांगे जवाब
खबर खास | चंडीगढ़
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने गुरुवार को श्री आनंदपुर साहिब सराय से जुड़े मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी तथा सुखबीर सिंह बादल से जवाब मांगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। इसकी अध्यक्षता पंजाब पुलिस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला बहरीन से कैसे आई, एसजीपीसी सराय में उसके ठहरने की व्यवस्था किसने की और वह कई महीनों तक वहां कैसे रही।
पन्नू ने 1 लाख रुपये की इलाज संबंधी सहायता और सराय के रजिस्टर में कथित विसंगतियों को लेकर भी एसजीपीसी के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर में कमरे के सामने कथित तौर पर “अमरजीत सिंह चावला की सिफारिश पर” और “मुफ्त” लिखा हुआ था, जबकि एसजीपीसी की ओर से दावा किया गया कि कमरा 1,000 रुपये में बुक किया गया था।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि महिला को 1 लाख रुपये क्यों दिए गए, उसका इलाज कहां हुआ और चेक अमृतसर में ही क्यों भुनाया गया। पन्नू ने चालक के निलंबन को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा और सवाल किया कि अगर कथित तौर पर महिला को कोई वाहन उपलब्ध ही नहीं कराया गया था, तो चालक को निलंबित क्यों किया गया।
पन्नू ने एसजीपीसी की ओर से सीबीआई जांच की मांग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने 328 लापता स्वरूपों से जुड़े विवाद के दौरान एसजीपीसी के सीबीआई की जांच में शामिल होने के विरोध का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि उठाए जा रहे सवाल एसजीपीसी को बदनाम करने के लिए नहीं हैं, बल्कि एक सम्मानित धार्मिक संस्था के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हैं। पन्नू ने कहा, “जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, ये सवाल उठते रहेंगे और बड़े होते जाएंगे।”
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0