पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा- जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब सरकार को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा; नए रोजगार पोर्टल हुनर पंजाब से 1.89 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 6.31 लाख नौकरियों की संभावना
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा- जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब सरकार को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा; नए रोजगार पोर्टल हुनर पंजाब से 1.89 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 6.31 लाख नौकरियों की संभावना
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को सीबीआई की कार्रवाई की गति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ मामले 10-15 साल तक लंबित रहते हैं, जबकि कुछ मामलों में कार्रवाई “रातों-रात” शुरू हो जाती है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सीबीआई की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मान ने कहा कि कार्रवाई का समय स्पष्ट संदेश दे रहा है कि चुनाव का मौसम आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है और चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं और सरकारों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मान ने कहा कि उन्हें किसी भी जांच का डर नहीं है और अगर उन्हें उचित माध्यम से समन मिलता है तो वह जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, “जांच एजेंसियों को अपना काम करने दीजिए, लेकिन पंजाब के लोग भी सब कुछ जानते हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह न तो किसी राजनीतिक परिवार से आए हैं और न ही ठेकों, बसों या होटलों के जरिए पैसा कमाने के लिए राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य लोगों के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा होना था।
मान ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कथित कार्रवाई के उदाहरण दिए और दावा किया कि ऐसी कार्रवाई एक राजनीतिक रणनीति बन गई है।
विकास के मोर्चे पर मान ने पंजाब सरकार के नए निवेश और रोजगार पोर्टल हुनर पंजाब का जिक्र किया। उन्होंने इसे उद्योगों को कुशल युवाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे लगभग 6.31 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश के आंकड़े दिखाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि निवेश वास्तव में रोजगार में बदले।
नए पोर्टल के तहत उद्योग सीधे अपनी कर्मचारियों की जरूरत दर्ज करा सकेंगे। उदाहरण के लिए, अगर किसी कंपनी को वेल्डर या इलेक्ट्रिकल तकनीशियन की जरूरत है, तो वह पोर्टल पर अपनी आवश्यकता दर्ज कर सकेगी। इसके बाद यह प्रणाली औद्योगिक इकाइयों को आईटीआई और अन्य कौशल विकास संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध प्रशिक्षित युवाओं से जोड़ने में मदद करेगी।
करीब 1,700 संस्थानों को इस प्रणाली से जोड़ने की योजना है। इससे उद्योगों को आसपास के क्षेत्रों से कुशल श्रमिक, तकनीशियन और इंजीनियर तलाशने में मदद मिलेगी।
मान ने कहा कि निवेशक 45 दिनों की प्रक्रिया के दौरान अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकेंगे और यह जान सकेंगे कि उनकी फाइल किस अधिकारी या विभाग के सचिव के पास है। इससे निवेश प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में पोर्टल में पंजाब के युवाओं को राज्य के बाहर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि टाटा स्किल्स सहित कुछ कंपनियों ने पंजाब में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कारगिल और जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों के निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार जर्मनी और जापान जैसे देशों की कंपनियों से पंजाब में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए काम कर रही है।
मान ने धान की पराली को गैस में बदलने से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को फसल अवशेषों का ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और इसके लिए सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन स्रोत मिलेगा और साथ ही पंजाब में पराली जलाने की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।
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