एसीबी अधिकारियों के मुताबिक कंपनी के बैंक लोन की जानकारी राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए मांगे थे 2 लाख रुपए; बाद में 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ