पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह सशस्त्र बल तैयारी संस्थान के कैडेट्स ने सेना और वायुसेना में अफसर बनकर राज्य को दिलाया गौरव; अमन अरोड़ा ने दी शुभकामनाएं
पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह सशस्त्र बल तैयारी संस्थान के कैडेट्स ने सेना और वायुसेना में अफसर बनकर राज्य को दिलाया गौरव; अमन अरोड़ा ने दी शुभकामनाएं
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पंजाब के लिए गर्व के क्षण में महाराजा रणजीत सिंह सशस्त्र बल तैयारी संस्थान (एमआरएसएएफपीआई) के सात पूर्व कैडेट्स को भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिला है। इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि पंजाब सरकार द्वारा संचालित यह संस्थान देश की रक्षा सेवाओं में युवाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इन सात कैडेट्स में से चार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स की पासिंग आउट परेड में सेना में कमीशन मिला। इस भव्य समारोह की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने की। सेना में शामिल हुए नए अधिकारियों में होशियारपुर के परमजीत सिंह, मोहाली के अभय सिंह राघव, होशियारपुर के अनिकेत कहोल और पठानकोट के अनुराग चौहान शामिल हैं।
वहीं तीन कैडेट्स ने हैदराबाद के दुंडिगल स्थित एयर फोर्स अकादमी के 217वें कोर्स की संयुक्त पासिंग आउट परेड में उड़ान अधिकारी (फ्लाइंग ऑफिसर) के रूप में वायुसेना में प्रवेश किया। इस परेड की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। वायुसेना में कमीशन पाने वालों में रूपनगर के उदैबीर सिंह, एसएएस नगर के वासु मेहता और करन कौशिश शामिल हैं।
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने इन कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने करियर में और अधिक मेहनत करें तथा देश की सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पंजाब का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को सेना में जाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इस नवीनतम बैच के साथ एमआरएसएएफपीआई से अब तक 97 कैडेट्स अधिकारी के रूप में कमीशन हो चुके हैं। संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान (सेवानिवृत्त) ने भी कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें सेना की परंपराओं का पालन करते हुए देश, राज्य और अपने संस्थान का नाम गर्व से ऊंचा करना चाहिए।
पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह सशस्त्र बल तैयारी संस्थान के कैडेट्स ने सेना और वायुसेना में अफसर बनकर राज्य को दिलाया गौरव; अमन अरोड़ा ने दी शुभकामनाएं
पंजाब के लिए गर्व के क्षण में महाराजा रणजीत सिंह सशस्त्र बल तैयारी संस्थान (एमआरएसएएफपीआई) के सात पूर्व कैडेट्स को भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में कमीशन मिला है। इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि पंजाब सरकार द्वारा संचालित यह संस्थान देश की रक्षा सेवाओं में युवाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इन सात कैडेट्स में से चार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में आयोजित 158वें रेगुलर कोर्स की पासिंग आउट परेड में सेना में कमीशन मिला। इस भव्य समारोह की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने की। सेना में शामिल हुए नए अधिकारियों में होशियारपुर के परमजीत सिंह, मोहाली के अभय सिंह राघव, होशियारपुर के अनिकेत कहोल और पठानकोट के अनुराग चौहान शामिल हैं।
वहीं तीन कैडेट्स ने हैदराबाद के दुंडिगल स्थित एयर फोर्स अकादमी के 217वें कोर्स की संयुक्त पासिंग आउट परेड में उड़ान अधिकारी (फ्लाइंग ऑफिसर) के रूप में वायुसेना में प्रवेश किया। इस परेड की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। वायुसेना में कमीशन पाने वालों में रूपनगर के उदैबीर सिंह, एसएएस नगर के वासु मेहता और करन कौशिश शामिल हैं।
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने इन कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने करियर में और अधिक मेहनत करें तथा देश की सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पंजाब का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार युवाओं को सेना में जाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इस नवीनतम बैच के साथ एमआरएसएएफपीआई से अब तक 97 कैडेट्स अधिकारी के रूप में कमीशन हो चुके हैं। संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान (सेवानिवृत्त) ने भी कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें सेना की परंपराओं का पालन करते हुए देश, राज्य और अपने संस्थान का नाम गर्व से ऊंचा करना चाहिए।
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