कुल राशि में से $420 मिलियन (लगभग ₹4,025 करोड़) युवाओं के उपचार कार्यक्रमों पर खर्च किए जाएंगे, जबकि बाकी रकम अगले 5 वर्षों में जागरूकता, रोकथाम और स्क्रीनिंग सेवाओं पर खर्च होगी।