FSS का आरोप—यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों और चरमपंथी संगठनों से जुड़े चैनलों को हटाने में विफल रहा टेलीग्राम; ड्यूरोव को अंतरराष्ट्रीय वांछित सूची में डाला गया
FSS का आरोप—यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों और चरमपंथी संगठनों से जुड़े चैनलों को हटाने में विफल रहा टेलीग्राम; ड्यूरोव को अंतरराष्ट्रीय वांछित सूची में डाला गया
खबर खास | नई दिल्ली
रूस की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSS) ने टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर चरमपंथी गतिविधियों पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
रूसी अधिकारियों ने ड्यूरोव को अंतरराष्ट्रीय वांछित सूची (International Wanted List) में भी शामिल कर लिया है।
एफएसएस के अनुसार, टेलीग्राम प्रशासन ने कई ऐसे चैनल, चैट और बॉट्स को हटाने में लापरवाही बरती, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों और चरमपंथी संगठनों द्वारा रूस के भीतर तोड़फोड़, साइबर धोखाधड़ी और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद टेलीग्राम ने इन संदिग्ध अकाउंट्स और नेटवर्क्स के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस नए आपराधिक मामले के बाद आशंका जताई जा रही है कि रूस सरकार देश में टेलीग्राम सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठा सकती है।
रूस में जन्मे पावेल ड्यूरोव ने वर्ष 2021 में फ्रांस की नागरिकता प्राप्त की थी। वर्तमान में वह दुबई में रहकर टेलीग्राम और उसकी मूल कंपनी का संचालन कर रहे हैं।
टेलीग्राम आज भी रूस में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में से एक है। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए रूसी सरकार पहले भी इस प्लेटफॉर्म पर कई कड़े प्रतिबंध लगा चुकी है, फिर भी इसका उपयोग आम नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और सेना से जुड़े लोगों द्वारा व्यापक रूप से किया जाता है।
यह ताजा कार्रवाई कंटेंट मॉडरेशन, सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग और डिजिटल संचार पर सरकारी नियंत्रण को लेकर रूस और टेलीग्राम के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद में एक बड़ा और महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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January 18, 2026
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