आरोप लगाया- पीड़िताओं को धमकाकर और दबाव डालकर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने शिकायतें और सबूत पेश करने से रोकने की कोशिश की जा रही है
आरोप लगाया- पीड़िताओं को धमकाकर और दबाव डालकर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने शिकायतें और सबूत पेश करने से रोकने की कोशिश की जा रही है
खबर खास | अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े दुष्कर्म मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने की तैयारी कर रही महिलाओं को कथित तौर पर धमकियां मिली हैं। पूर्व अकाली नेता बीबी रूप कौर संधू ने शुक्रवार को जारी एक वीडियो में यह दावा किया।
संधू ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और श्री अकाल तख्त साहिब की टास्क फोर्स से महिलाओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ जाने से रोकने के लिए उन पर भी दबाव बनाया गया।
शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित संधू ने कहा कि उन्होंने पीड़िताओं के साथ श्री अकाल तख्त साहिब जाकर जत्थेदार के सामने उनकी शिकायतें और सबूत पेश करने की घोषणा की थी। उनके अनुसार, कई महिलाएं अकाली नेताओं से जुड़े कथित शोषण के आरोप लेकर उनके पास पहुंची हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं जत्थेदार से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहती हैं, अपने सबूत सौंपना चाहती हैं और सिख समुदाय के सामने अपनी बात रखना चाहती हैं। संधू ने कहा कि उनका उद्देश्य पीड़िताओं को न्याय दिलाना और दोषी पाए जाने वालों को सजा दिलाना है।
महिलाओं को बिना किसी डर के अपनी बात रखने के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग करते हुए संधू ने चेतावनी दी कि यदि पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, तो वह सोशल मीडिया के माध्यम से सबूत सार्वजनिक कर देंगी।
यह विवाद एसजीपीसी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला और अकाल तख्त साहिब से जुड़े अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह पर दुष्कर्म और अश्लील संदेश भेजने के आरोपों से संबंधित है।
इस मामले में बहरीन में रहने वाली एक सिख महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के आरोपों के अनुसार, वह नवंबर 2025 में भारत लौटी थी और एसजीपीसी ने उसके रहने की व्यवस्था की थी।
महिला ने आरोप लगाया कि मार्च से मई 2026 के बीच श्री आनंदपुर साहिब और अमृतसर की सरायों में चावला ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटनाओं के बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मामले में 21 अगस्त 2026 को आनंदपुर साहिब थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानी मलकीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ साहिब से जुड़े चालक मोहन सिंह ने उसे अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजे।
उसका दावा है कि उसने न्याय की मांग करते हुए अपनी शिकायत और संबंधित सबूतों के साथ कई बार श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार तथा एसजीपीसी अध्यक्ष से संपर्क किया था। बाद में उसने संधू के साथ फेसबुक लाइव कार्यक्रम में शामिल होकर सार्वजनिक रूप से अपने आरोप साझा किए।
इन आरोपों के बाद धार्मिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई। बताया गया कि 20 सितंबर 2026 को पांच सिख उच्च पदाधिकारियों, जिन्हें पंज सिंह साहिबान कहा जाता है, ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया और इसे सिख धार्मिक आचरण तथा अनुशासन का उल्लंघन माना।
निर्णय के विवरण के अनुसार, चावला और ज्ञानी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया।
अब संधू ने मांग की है कि महिलाओं को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होकर अपने सबूत और शिकायतें रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही निकाला जाना चाहिए और संबंधित पक्षों के दावों का आकलन कानून के तहत किया जाना चाहिए।
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