उपभोक्ता आयोग ने ब्रांडेड कैरी बैग के लिए शुल्क वसूलने को अनुचित व्यापार व्यवहार माना; तीन ग्राहकों को 45 दिनों के भीतर राशि लौटाने और मुआवजा देने के निर्देश।
उपभोक्ता आयोग ने ब्रांडेड कैरी बैग के लिए शुल्क वसूलने को अनुचित व्यापार व्यवहार माना; तीन ग्राहकों को 45 दिनों के भीतर राशि लौटाने और मुआवजा देने के निर्देश।
खबर खास | शिमला
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने शिमला के मॉल रोड स्थित रेड टेप शोरूम के खिलाफ फैसला सुनाते हुए खरीदारी के बाद ग्राहकों से ब्रांडेड कैरी बैग के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है। आयोग ने कंपनी को कैरी बैग के लिए वसूले गए ₹10 वापस करने के साथ-साथ तीन अलग-अलग उपभोक्ता शिकायतों में कुल ₹24,000 मुआवजा देने का आदेश दिया है।
ये शिकायतें मंडी निवासी सुभाष चंद्र तथा शिमला निवासी अनिल ठाकुर और गौरव कुमार ने दायर की थीं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2025 में मॉल रोड स्थित रेड टेप आउटलेट से ट्रंक, शर्ट और जींस समेत अन्य उत्पाद खरीदे थे। बिलिंग काउंटर पर कर्मचारियों ने उन्हें कैरी बैग दिए, जिन्हें ग्राहकों ने सामान्य तौर पर मुफ्त समझा। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि बैग के लिए उनके बिल में ₹10 अतिरिक्त जोड़े गए थे।
उपभोक्ताओं ने जब इस शुल्क पर आपत्ति जताते हुए पैसे वापस मांगे तो स्टोर कर्मचारियों ने बिल में शुल्क दर्ज होने का हवाला देते हुए कथित तौर पर राशि लौटाने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान शोरूम की ओर से तर्क दिया गया कि यह शुल्क पर्यावरण संरक्षण और कागज तथा प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से लिया गया था। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों को बैग खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया गया था।
हालांकि, आयोग की अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की पीठ ने इस दलील को खारिज कर दिया और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। आयोग ने कहा कि कैरी बैग पर कंपनी का नाम और ‘गो ग्रीन’ लोगो मौजूद था, जिससे वह कंपनी के प्रचार सामग्री के रूप में भी इस्तेमाल हो रहा था। उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत किसी व्यवसाय को ऐसे बैग के लिए ग्राहक से शुल्क लेने की अनुमति नहीं है, जिस पर उसका ब्रांड नाम, लोगो या विज्ञापन प्रदर्शित हो।
आयोग ने वस्तुओं की बिक्री से संबंधित कानून का हवाला देते हुए कहा कि खरीदी गई वस्तुओं को उचित तरीके से ग्राहक तक पहुंचाना विक्रेता की जिम्मेदारी है। रेड टेप के आउटलेट को आयोग के आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।
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