बावल के पास रुघ गांव के फ्लाईओवर पर भारी बारिश के दौरान हुआ हादसा; बस में सवार थे करीब 27 यात्री, कम दृश्यता को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, कोई मौत नहीं
बावल के पास रुघ गांव के फ्लाईओवर पर भारी बारिश के दौरान हुआ हादसा; बस में सवार थे करीब 27 यात्री, कम दृश्यता को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, कोई मौत नहीं
खबर खास | रेवाड़ी
हरियाणा के रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर शुक्रवार सुबह राजस्थान रोडवेज की एक बस दो डंपरों से टकरा गई। हादसा बावल क्षेत्र के रुघ गांव के पास फ्लाईओवर पर भारी बारिश के दौरान हुआ। बस में करीब 27 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की मौत नहीं हुई।
पहले से दुर्घटनाग्रस्त खड़े थे दोनों डंपर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जयपुर से दिल्ली की ओर जा रहे दो डंपरों की रुघ फ्लाईओवर पर आपस में टक्कर हो गई थी। टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क पर ही खड़े रह गए। इसी दौरान जयपुर से दिल्ली की ओर आ रही राजस्थान रोडवेज की बस वहां पहुंची और सड़क पर खड़े दोनों डंपरों से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए हादसे से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों को चोटें आईं और उन्हें बावल के जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारी बारिश के कारण चालक को नहीं दिखे डंपर
यात्रियों के अनुसार, हादसे के समय तेज बारिश हो रही थी, जिससे सड़क पर दृश्यता काफी कम हो गई थी। बस की विंडशील्ड पर पानी जमा होने के कारण चालक को आगे का रास्ता देखने में परेशानी हो रही थी। इसी वजह से वह हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त हालत में खड़े डंपरों को समय रहते नहीं देख पाया।
बस चालक ने भी आरोप लगाया कि पहले हुए हादसे के बाद सड़क पर आने वाले वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए कोई चेतावनी संकेत या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। उसका कहना था कि यदि उचित संकेत लगाए गए होते तो इस दुर्घटना को टाला जा सकता था।
घायलों का जैन अस्पताल में चल रहा इलाज
हादसे के बाद निजी अस्पतालों की एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायल यात्रियों को बावल के जैन अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. दीपक जैन के अनुसार, घायलों का उपचार जारी है और फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं है।
पुलिस ने शुरू की जांच, हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलने पर कसौला पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों और घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इस दुर्घटना ने हाईवे पर हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों और चेतावनी संकेतों की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर बारिश और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में दुर्घटनास्थल पर पर्याप्त संकेत और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से दूसरे वाहनों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0