जाट सभा ने अमर शहीद राजा नाहर सिंह एवं सर छोटू राम को दी श्रद्धांजलि
जाट सभा ने अमर शहीद राजा नाहर सिंह एवं सर छोटू राम को दी श्रद्धांजलि
खबर खास, चंडीगढ़ :
जाट सभा चंडीगढ़/पंचकुला के प्रधान एवं पूर्व डीजीपी हरियाणा पुलिस डॉ एम एस मलिक ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की कि महान योद्धा राजा नाहर सिंह और सर छोटू राम की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए तथा राजा नाहर सिंह के नाम पर दिल्ली में किसी सड़क तथा चौक का नामकरण किया जाए।
डॉ मलिक आज जाट सभा के तत्वावधान में आज यहां सेक्टर 27 स्थित जाट भवन में स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा अमर शहीद राजा नाहर सिंह और किसान-मजदूरों के मसीहा सर छोटू राम की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
जाट सभा के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि राजा नाहर सिंह केवल बहादुर शाह ज़फर के सहयोगी ही नहीं थे, बल्कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में एक कुशल सेनानायक के रूप में उन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध सशक्त आंदोलन खड़ा किया। देश की स्वतंत्रता के लिए उनके अतुलनीय योगदान के कारण अंग्रेजों ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। उनका यह उनका बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि सर छोटू राम, जिन्हें ‘दीनबंधु’ के नाम से जाना जाता है, किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने अपने जीवन को सामाजिक न्याय और किसानों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को सही दिशा दिखा रहे हैं।
इस अवसर पर सरकार से मांग की गई कि आने वाली पीढ़ियों को इन महापुरुषों के जीवन और बलिदान से परिचित कराने के लिए उनके जीवन चरित्र को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में जोड़ा जाए।
कार्यक्रम के अंत में जाट सभा के अध्यक्ष ने युवाओं से आह्वान किया कि वे राजा नाहर सिंह और सर छोटू राम के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र और समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर जाट सभा के उपप्रधान जयपाल सिंह पुनिया एक अलावा बलबीर सिंह गिल, महाबीर सिंह फोगाट, लक्षमण सिंह फोगाट , डॉ सत्यव्रत धनखड़ सहित सभा के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। इन सभी ने भी उक्त दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
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