स्वच्छता ही सेवा-2026 में पंचायतों और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर; ग्राम पंचायतों के लिए शुरू हुआ ‘स्वच्छ सेवा आकलन’
स्वच्छता ही सेवा-2026 में पंचायतों और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर; ग्राम पंचायतों के लिए शुरू हुआ ‘स्वच्छ सेवा आकलन’
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में स्वच्छता को लेकर एक बार फिर बड़े स्तर पर अभियान शुरू होने जा रहा है। राज्य में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इस दौरान खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई और स्वच्छता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान का थीम ‘स्वच्छता में भागीदारी, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखा गया है। पंजाब के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने मंगलवार को अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।
मंत्री ने केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने की। इसमें देशभर में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारियों पर चर्चा हुई। पंजाब की ओर से ग्रामीण इलाकों में होने वाली गतिविधियों और तैयारियों की जानकारी भी केंद्र सरकार के साथ साझा की गई।
पहले क्या होगा: गांवों में सफाई गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
अभियान के दौरान पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, स्थानीय समुदायों और आम लोगों की भागीदारी से सफाई गतिविधियां कराई जाएंगी। सरकार का प्रयास है कि स्वच्छता अभियान केवल सरकारी विभागों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों के लोग भी इसमें सीधे शामिल हों। पंचायतों के स्तर पर सफाई, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि पंजाब सरकार गांवों को ज्यादा साफ, स्वस्थ और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी स्तर पर किए गए प्रयासों से स्वच्छता को लंबे समय तक बनाए रखना संभव नहीं है। इसके लिए ग्रामीणों, पंचायतों और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
अब क्यों खास है अभियान: पंचायतों की भी होगी आकलन प्रक्रिया
स्वच्छता ही सेवा-2026 के दौरान ग्राम पंचायतों के लिए ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ की शुरुआत भी की गई है। इसके जरिए गांवों में स्वच्छता से जुड़े कार्यों और गतिविधियों का आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायतों को स्वच्छता कार्यों के लिए ज्यादा जिम्मेदार बनाना और ग्रामीण स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
सरकार का मानना है कि पंचायतों के स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों का आकलन होने से गांवों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जा सकेगा कि अभियान के दौरान किए गए कार्य जमीन पर कितने प्रभावी रहे।
अभियान के बाद भी जारी रखना होगा काम
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान का उद्देश्य केवल कुछ दिनों तक सफाई अभियान चलाना नहीं है। सरकार चाहती है कि स्वच्छता, साफ-सफाई और जिम्मेदार तरीके से कचरा प्रबंधन लोगों की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बने।
उन्होंने पंजाब के लोगों से 17 सितंबर से शुरू हो रहे अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों और समुदायों में होने वाली सफाई गतिविधियों को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए, बल्कि इसे सभी की साझा जिम्मेदारी के रूप में लिया जाए।
मंत्री ने कहा कि पंजाब को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए सरकार, पंचायतों और आम लोगों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में सफाई बनाए रखने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
बैठक में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव रामवीर, विभाग की प्रमुख सचिव सैयद सेहरिश असगर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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