वित्तीय प्रबंधन, गन्ना विकास और तकनीकी दक्षता में शानदार प्रदर्शन; मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से प्राप्त किए सम्मान
वित्तीय प्रबंधन, गन्ना विकास और तकनीकी दक्षता में शानदार प्रदर्शन; मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से प्राप्त किए सम्मान
खबर खास | नई दिल्ली/चंडीगढ़
पंजाब के सहकारी चीनी क्षेत्र ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सहकारी चीनी उद्योग सम्मेलन-2026 में पंजाब की पांच सहकारी चीनी मिलों को वित्तीय प्रबंधन, गन्ना विकास और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने राज्य की ओर से ये पुरस्कार केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से प्राप्त किए। यह सम्मेलन राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ लिमिटेड की ओर से डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया गया।
पुरस्कार हासिल करने वाली मिलों में बटाला सहकारी चीनी मिल लिमिटेड ने वित्तीय प्रबंधन के अन्य रिकवरी क्षेत्र की श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, सर्वोत्तम गन्ना विकास के अन्य रिकवरी क्षेत्र की श्रेणी में फाजिल्का सहकारी चीनी मिल लिमिटेड और बुधेवाल सहकारी चीनी मिल लिमिटेड ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया।
तकनीकी दक्षता के अन्य रिकवरी क्षेत्र की श्रेणी में नकोदर सहकारी चीनी मिल लिमिटेड ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि भोगपुर सहकारी चीनी मिल लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही।
इस अवसर पर गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि ये उपलब्धियां गन्ना क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से आधुनिक खेती तकनीकों और चीनी मिलों की कार्यक्षमता में सुधार पर दिए जा रहे जोर को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने, चीनी की रिकवरी में सुधार करने और खेती की लागत कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री ने इन पुरस्कारों को पंजाब के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि राज्य देश में सबसे अधिक गन्ना मूल्य दे रहा है। किसानों को 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य दिया जा रहा है, जिसमें राज्य सरकार की ओर से 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी शामिल है।
खुड्डियां ने बताया कि पंजाब में गन्ने की खेती का रकबा वर्ष 2025-26 में 1,11,818 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2026-27 में 1,16,131 हेक्टेयर हो गया है। मौसम अनुकूल रहने पर इस सीजन में राज्य में करीब 700 लाख क्विंटल गन्ने के उत्पादन की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग और चीनी मिलों की ओर से संयुक्त रूप से जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में चौड़ी कतारों में बुवाई, रोगमुक्त बीज का इस्तेमाल, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट प्रबंधन और मशीनीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इसके तहत चयनित जिलों में अनुशंसित गन्ना खेती तकनीकों पर आधारित प्रदर्शन प्लॉट तैयार करने वाले किसानों को 3,200 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
खुड्डियां ने आगे बताया कि किसानों को समय पर तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए फेसबुक और यूट्यूब जैसे सामाजिक माध्यमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक विशेषज्ञों और क्षेत्रीय कर्मचारियों की ओर से आयोजित 320 प्रशिक्षण शिविरों से करीब 15,000 किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
श्रमिकों की कमी दूर करने और खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार किसानों को गन्ना कटाई मशीन, छोटे ट्रैक्टर, गन्ना बोने की मशीन और रैटून प्रबंधक 40 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है।
पुरस्कार समारोह में पंजाब सहकारिता विभाग की सचिव अजीत बाला जोशी और शुगरफेड की प्रबंध निदेशक डॉ. सेनु दुग्गल भी मौजूद रहीं।
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