कांग्रेस की भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ व मनरेगा को लेकर बरनाला में आयोजित विशाल रैली में बोले राहुल गांधी कहा, अमेरिका ने एप्सटीन फाइलों और अडानी के केस के जरिए मोदी डील करवाई जब तक पंजाब सुरक्षित है, देश सुरक्षित है, बोले खड़गे
कांग्रेस की भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ व मनरेगा को लेकर बरनाला में आयोजित विशाल रैली में बोले राहुल गांधी कहा, अमेरिका ने एप्सटीन फाइलों और अडानी के केस के जरिए मोदी डील करवाई जब तक पंजाब सुरक्षित है, देश सुरक्षित है, बोले खड़गे
खबर खास, बरनाला (पंजाब):
कांग्रेस ने आज यहां भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग को लेकर एक विशाल रैली आयोजित की, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।
रैली को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एआईसीसी संगठन प्रभारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, एआईसीसी महासचिव (पंजाब प्रभारी) व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्रियों राजिंदर कौर भट्ठल और चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा विजय इंदर सिंगला सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
खड़गे और गांधी ने कहा कि पंजाब केवल कांग्रेस की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ताकत है। खड़गे ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक पंजाब सुरक्षित है, देश सुरक्षित है।
उन्होंने किसानों और मजदूरों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया, क्योंकि केंद्र सरकार की हालिया नीतियां किसानों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों की आजीविका के लिए खतरा हैं।
खड़गे ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना करते हुए, आरोप लगाया कि केंद्र ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने राष्ट्रीय हितों को “समर्पण” कर दिया है और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिए हैं। उन्होंने चेताया कि इससे किसान, व्यापारी, एमएसएमई और वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक व मशीनरी जैसे क्षेत्र प्रभावित होंगे।
उन्होंने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई और जबरन वसूली, धमकियों, नशा तस्करी और सीमा पर हथियारों की तस्करी में बढ़ोतरी का उल्लेख किया।
इसी तरह, उन्होंने केंद्र पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए, कहां की पंजाब में रोजगार के अवसर कम हुए हैं, जिससे लाखों मजदूर प्रभावित हुए हैं।
रैली को संबोधित करते हुए, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए, कहा कि “एपस्टीन फाइल्स” और अमेरिका में गौतम अडानी से जुड़े मामलों के दबाव में मोदी को अमेरिका के आगे झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि खेती किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की नींव होती है और इससे पहले कभी किसी प्रधानमंत्री ने विदेशियों के लिए खेती के बाज़ार नहीं खोले, फिर चाहे वे किसी भी पार्टी के हों। उन्होंने कहा कि मोदी को एपस्टीन फाइलों और अडानी के नाम की धमकी देकर सरेंडर करने पर मजबूर किया गया।
उन्होंने ज़ोर देते हुए, कहा कि एपस्टीन की 30 लाख और फाइलें खोली जानी हैं, जिनमें मोदी का नाम है। उन्होंने कहा कि हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम का इस्तेमाल सिर्फ़ मोदी को धमकाने के लिए किया गया, ताकि वे सरेंडर कर दें और ऐसा करके उन्होंने किसानों और छोटे और मीडियम बिज़नेस के “मौत के वारंट” पर साइन कर दिए।
भारत-अमेरिका समझौते के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि चार महीने पहले ऐसा कुछ नहीं हुआ था और भारत सरकार देश के खेती के बाज़ार को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलने को तैयार नहीं थी। लेकिन एपस्टीन और अडानी की वजह से मोदी को अचानक समझौते के लिए राज़ी होना पड़ा।
उन्होंने अमेरिका में अडानी केस को लेकर मोदी की कमजोरी का हवाला देते हुए, कहा कि भाजपा ने पिछले 10-15 सालों में पूरी वित्तीय प्रणाली अडानी की कंपनी के हाथों में दे दी है। अडानी भाजपा का एक विशेष उद्देश्य व्हीकल है और जो भी पैसा बनता है, वह अडानी को जाता है। उस पैसे का इस्तेमाल हजारों शेल कंपनियों के जरिए राजनीति में होता है। अमेरिकियों ने अपराधिक केस दर्ज करके मोदी को उनकी गर्दन से पकड़ कर सांस दबा दी थी।
उन्होंने इस समझौते के बारे में कहा कि यह देश के किसानों के लिए "मौत के वारंट" पर साइन करने जैसा है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिकी सोयाबीन, दालें, कपास, फल, बादाम, अखरोट और सब कुछ अमेरिका से आएगा और भारतीय किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी किसानों के पास सैकड़ों-हजारों एकड़ की बड़ी जमीनें हैं। जबकि हमारे किसानों के पास छोटी जमीनें हैं। उन्होंने कहा कि हमारे किसान अमेरिकी किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते और मोदी ने उन्हें एक गलत और असमान मुकाबले में डाल दिया है और आखिर में वे बर्बाद हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मोदी ने न सिर्फ अमेरिकियों के लिए कृषि मार्केट खोला ,है बल्कि हमारे पास जो बहुत सारा डेटा है, वह भी उन्हें सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे ज़्यादा डेटा है और अमेरिका हमारे डेटा के बिना चीन का मुक़ाबला नहीं कर सकता, जिसे मोदी ने विनम्रता से ट्रंप को सौंप दिया है।
डेटा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने कहा कि जो बीसवीं सदी के लिए तेल था, डेटा इक्कीसवीं सदी के लिए है। मोदी का अमेरिका को डेटा सौंपना सऊदी अरब की तरह है, जो अपना तेल अमेरिका को सौंप देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने ट्रंप को गारंटी दी है कि भारत हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये के उत्पाद खरीदेगा। सोचिए हमारे छोटे और मीडियम उद्योगों का क्या होगा? जब हमारे छोटे और मीडियम उद्योग, जो खेती के साथ-साथ पंजाब की अर्थव्यवस्था की नींव हैं, तबाह हो जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने रूस और ईरान से तेल न खरीदने के अमेरिकी आदेश मानकर देश की एनर्जी सिक्योरिटी भी अमेरिका को सौंप दी है। उन्होंने पूछा कि बदले में भारत को क्या मिला?
इस मौके पर हज़ारों लोगों की तालियों और ठहाकों के बीच, पंजाब के लोगों के लिए एक खास संदेश में गांधी ने कहा कि पंजाब हमारी ताकत है। यहां मुझे भारत की ताकत दिखती है। आप हमारे रक्षक हैं और हम आपसे प्यार करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह मत भूलिए कि मैं पंजाब के लोगों से प्यार करता हूं। राजनीति को एक तरफ रखकर, आपके भविष्य, किसानों के भविष्य, युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है। पंजाब को सफल बनाना है।
इस बीच, कांग्रेस नेता ने पार्टी में टीमवर्क पर जोर देते हुए, भरोसा दिलाया कि कार्यकर्ता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि हमारी असली ताकत हमारे कार्यकर्ता हैं। पंजाब में जो कुछ भी होगा, उनकी सहमति से होगा।
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