22 हजार से अधिक बुजुर्ग सरकारी सुविधाओं से जुड़े, राज्य स्तरीय स्वास्थ्य शिविरों ने दिखाया असर इलाज से पेंशन और कानूनी जागरूकता तक—बुजुर्गों के लिए एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
22 हजार से अधिक बुजुर्ग सरकारी सुविधाओं से जुड़े, राज्य स्तरीय स्वास्थ्य शिविरों ने दिखाया असर इलाज से पेंशन और कानूनी जागरूकता तक—बुजुर्गों के लिए एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
खबर खास, चंडीगढ़ :
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बुजुर्ग नागरिकों को समाज की अमूल्य धरोहर मानते हुए उनकी स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर ठोस, संवेदनशील और मानव-केंद्रित कदम उठा रही है। इसी दिशा में “साडे बुजुर्ग साडा मान” राज्य स्तरीय अभियान के तहत लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविरों के माध्यम से 22 हजार से अधिक बुजुर्ग नागरिकों का पंजीकरण कर उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है।
यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटिजन एक्शन प्लान के तहत वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान बुजुर्गों की समग्र देखभाल के लिए 7.86 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे बुजुर्गों तक पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों के दौरान 6622 बुजुर्गों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, 2544 का आर्थोपेडिक परीक्षण तथा 4719 की आंखों की जांच की गई। इसके अलावा 2267 बुजुर्गों ने योग सत्रों, 1676 ने होम्योपैथिक तथा 2054 ने आयुर्वेदिक उपचार सहित सहायक उपकरणों का लाभ प्राप्त किया, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत को मजबूती मिली।
कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि अलीमको योजना के तहत 421 बुजुर्ग पंजीकृत हुए, जिनमें से 89 को व्हीलचेयर, चश्मे और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त 566 बुजुर्गों के वृद्धावस्था पेंशन फॉर्म तैयार किए गए तथा 455 को सीनियर सिटिजन कार्ड जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि राज्य के अधिकांश जिलों में स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि फरीदकोट और संगरूर में शीघ्र ही शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मोतियाबिंद सर्जरी के लिए आगे उपचार हेतु भेजे गए बुजुर्गों सहित मुफ्त सहायक उपकरण, पेंशन सुविधा, सीनियर सिटिजन कार्ड, योग शिविर और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए गए।
इसके तहत 5110 बुजुर्गों को “मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स एक्ट–2007” के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही बुजुर्गों को सामाजिक रूप से सक्रिय जीवन से जोड़ने के लिए उत्पादक और अंतर-पीढ़ी गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें 459 बुजुर्गों ने एक्टिव एजिंग कैंपों में तथा 2192 ने गिद्धा, भंगड़ा, कविता और नाटक जैसी सामूहिक गतिविधियों में भाग लिया। इसके अतिरिक्त 3005 बुजुर्गों ने योग शिविरों के माध्यम से स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया।
बुजुर्गों की सहायता के लिए पंजाब सरकार द्वारा हेल्पलाइन नंबर 14567 भी शुरू किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर कोई भी बुजुर्ग नागरिक तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अनमोल पूंजी हैं और उनकी देखभाल करना मान सरकार की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवारों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे बुजुर्ग नागरिकों को इन सरकारी सुविधाओं से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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