पंजाब के 15 जिलों में सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में रंगों और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बढ़ रहा आत्मविश्वास, सैकड़ों मरीजों को मिल रहा मानसिक संबल
पंजाब के 15 जिलों में सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में रंगों और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बढ़ रहा आत्मविश्वास, सैकड़ों मरीजों को मिल रहा मानसिक संबल
ख़बर ख़ास | पंजाब
पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई को एक नई दिशा मिल रही है। अब नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में केवल चिकित्सकीय इलाज ही नहीं, बल्कि आर्ट थेरेपी के माध्यम से मरीजों को मानसिक और भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाया जा रहा है। रंग, पेंटिंग, स्केचिंग और हस्तकला जैसी रचनात्मक गतिविधियां नशे की गिरफ्त से बाहर निकल रहे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
राज्य के 15 जिलों में संचालित 30 सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में आर्ट थेरेपी को पुनर्वास प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाया गया है। लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (एलएमएचपी) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के तहत मरीजों को अपनी भावनाओं, संघर्षों और उम्मीदों को कला के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तरीका मरीजों को नशा छोड़ने के दौरान आने वाली मानसिक चुनौतियों से निपटने में प्रभावी सहायता प्रदान कर रहा है।
काउंसलरों के अनुसार, अधिकांश मरीज शुरुआत में अपनी भावनाएं व्यक्त करने में झिझक महसूस करते हैं। लेकिन जब उन्हें रंगों और चित्रों के माध्यम से खुद को व्यक्त करने का अवसर मिलता है, तो वे धीरे-धीरे खुलने लगते हैं। आर्ट थेरेपी के दौरान बनाई गई कलाकृतियां अक्सर उनके जीवन के अनुभवों, परिवार के प्रति लगाव, संघर्षों और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को दर्शाती हैं।
अमृतसर स्थित स्वामी विवेकानंद नशा मुक्ति केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि मल्टीमॉडल आर्ट थेरेपी, एक्सप्रेसिव आर्ट और माइंडफुलनेस आधारित गतिविधियों ने मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। इन सत्रों से मरीजों में तनाव और चिंता कम होती है, जबकि आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान में वृद्धि देखने को मिलती है।
इलाज प्राप्त कर रहे कई मरीजों ने भी आर्ट थेरेपी को अपनी रिकवरी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि रचनात्मक गतिविधियां उन्हें नशे की तलब से ध्यान हटाने, मानसिक शांति प्राप्त करने और जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करती हैं। कई मरीजों ने स्वीकार किया कि इन सत्रों के बाद वे पहले की तुलना में अधिक शांत, आत्मविश्वासी और आशावादी महसूस करते हैं।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार भलाई मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नशे से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को इलाज के साथ-साथ भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी मिले। उन्होंने कहा कि पुनर्वास का उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाकर समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, केवल एक सप्ताह के दौरान 290 से अधिक मरीजों ने आर्ट थेरेपी सत्रों में भाग लेकर लाभ प्राप्त किया। बढ़ती भागीदारी और सकारात्मक परिणाम इस बात का संकेत हैं कि पंजाब सरकार की यह मरीज-केंद्रित पहल नशे के खिलाफ जंग में प्रभावी साबित हो रही है और कई लोगों को जीवन की नई शुरुआत का अवसर दे रही है।
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November 13, 2024
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