कचरा उठान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नगर निकायों के प्रदर्शन की होगी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश, स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
कचरा उठान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नगर निकायों के प्रदर्शन की होगी नियमित समीक्षा मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश, स्थानीय म्युनिसिपल स्तर पर जवाबदेही हो निर्धारित, लापरवाही या कमी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर रियल-टाइम डेटा अपडेट लगातार सुनिश्चित किया जाए ताकि हर स्तर पर निगरानी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से नगर निकायों के प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन किया जाए और जहां कहीं भी कमियां पाई जाएं, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि इस प्रकार की मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है जहां ऑनलाइन माध्यम से पूरे प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है। इस सिस्टम के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर कचरा उठाने वाली गाड़ियों की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पोर्टल पर लाइव ट्रैकिंग सिस्टम का अवलोकन किया। इस पोर्टल पर नागरिक अपने क्षेत्र में कचरा उठाने वाले वाहनों की लाइव लोकेशन देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शहरी निकायों में शत-प्रतिशत घरों के बाहर आरएफआईडी टैग लगाए जाएं, ताकि कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को डिजिटली ट्रैक किया जा सके। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके साथ ही, उन्होंने जीपीएस आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए, ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
आरएफआईडी और जीपीएस टेक्नोलॉजी से होगी मॉनिटरिंग
सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही स्थायी रूप से सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए नागरिकों को व्यापक स्तर पर जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, जिसमें स्वच्छता के महत्व, कचरा प्रबंधन की सही प्रक्रियाओं और नागरिकों की भूमिका को स्पष्ट रूप से समझाया जाए।
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