AISHE 2023-24 रिपोर्ट में पहली बार महिलाओं का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) पुरुषों से अधिक; महिला GER 31.2% जबकि पुरुषों का 28.9%, पंजाब में भी शोध और प्रोफेशनल शिक्षा में बढ़ रही बेटियों की भागीदारी।
AISHE 2023-24 रिपोर्ट में पहली बार महिलाओं का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) पुरुषों से अधिक; महिला GER 31.2% जबकि पुरुषों का 28.9%, पंजाब में भी शोध और प्रोफेशनल शिक्षा में बढ़ रही बेटियों की भागीदारी।
खबर खास | नई दिल्ली
भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) 2023-24 के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन पहली बार 4.5 करोड़ (45 मिलियन) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट की सबसे बड़ी खास बात यह है कि सर्वे शुरू होने के बाद पहली बार ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है, जो देश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बड़े सामाजिक बदलाव का संकेत है।
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं का GER 31.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि पुरुषों का GER 28.9 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि अब अधिक से अधिक लड़कियां उच्च शिक्षा की ओर बढ़ रही हैं और समाज में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक सोच मजबूत हुई है।
पंजाब में भी बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
पंजाब में भी उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। हालांकि राज्य का कुल GER 27.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 30 प्रतिशत से कम है, लेकिन राज्य की छात्राएं अब पारंपरिक डिग्री पाठ्यक्रमों तक सीमित न रहकर रिसर्च, तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्सों में भी बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं।
उच्च शिक्षा की नई ताकत बन रही हैं महिलाएं
पिछले दस वर्षों में महिलाओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पुरुषों की तुलना में अधिक है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे अभिभावकों का बढ़ता सहयोग, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाएं और समाज की बदलती सोच प्रमुख कारण हैं।
उच्च शिक्षा में अब तक का सबसे बड़ा नामांकन
AISHE 2023-24 के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा में कुल 4.5 करोड़ छात्रों का नामांकन हुआ है, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। इस उपलब्धि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे अब विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, जिससे नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
शोध में भी बढ़ रही महिलाओं की मौजूदगी
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक दशक में पीएचडी (PhD) में नामांकन लगभग 47 प्रतिशत बढ़ा है। यह संकेत देता है कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा के बाद शोध, नवाचार और उच्च अकादमिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
रोजगार अब सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पंजाब सहित कई राज्यों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उच्च शिक्षित महिलाओं के लिए पर्याप्त रोजगार और करियर के अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, उद्योगों, नवाचार केंद्रों और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शिक्षा को रोजगार से जोड़ना आवश्यक है।
सामाजिक बदलाव का मजबूत संकेत
शिक्षाविदों का कहना है कि यह रिपोर्ट केवल आंकड़ों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि भारत में हो रहे व्यापक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। शिक्षित महिलाओं की बढ़ती संख्या आने वाले समय में प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान, उद्यमिता, तकनीक और नीति-निर्माण जैसे क्षेत्रों में उनकी भूमिका को और मजबूत करेगी तथा देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा देगी।
AISHE 2023-24 रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि भारत की बेटियां अब केवल उच्च शिक्षा का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उसके भविष्य को भी नई दिशा दे रही हैं। अब सरकारों, विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह होगी कि शिक्षा में मिली इस सफलता को रोजगार, नेतृत्व और नवाचार के समान अवसरों से भी जोड़ा जाए।
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