यह सुविधा लगभग तीन करोड़ रुपये की अत्याधुनिक अवसंरचना से निर्मित की गई है, जिसमें ऐसे उन्नत उपकरण शामिल हैं, जो क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन से भी डेटा निकालने और उसका विश्लेषण करने में सक्षम हैं।