पहले ₹1 लाख थी आय सीमा, नई पात्र महिलाओं का पंजीकरण शुरू; नवंबर से खाते में पहुंच सकती है सहायता राशि
पहले ₹1 लाख थी आय सीमा, नई पात्र महिलाओं का पंजीकरण शुरू; नवंबर से खाते में पहुंच सकती है सहायता राशि
ख़बर खास | हरियाणा
हरियाणा सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि अब उन परिवारों की महिलाएं भी योजना का लाभ ले सकेंगी, जिनकी सालाना आय ₹1.80 लाख तक है। पहले यह आय सीमा ₹1 लाख थी। सरकार के अनुसार, नई पात्र महिलाओं को नवंबर से हर महीने ₹2,100 की आर्थिक सहायता मिलनी शुरू होगी।
लाडवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के दूसरे चरण की शुरुआत 17 सितंबर से की गई है। इसके तहत करीब 17 लाख अतिरिक्त महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान है। नई पात्र लाभार्थियों के लिए पंजीकरण पोर्टल खोल दिया गया है और मुख्यमंत्री के अनुसार भुगतान 1 नवंबर से शुरू किया जाएगा।
राज्य सरकार के मुताबिक, योजना के तहत अब तक ₹2,000 करोड़ से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे भेजी जा चुकी है। योजना के विस्तार से पहले 10 लाख से अधिक महिलाएं इसका लाभ ले रही थीं। योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,100 की सहायता दी जाती है।
जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री ने कलिरानो, सुल्तानपुर, सोंटी और बीर सोंटी गांवों के विकास कार्यों के लिए कुल ₹1.12 करोड़ की घोषणा की। कलिरानो के लिए ₹21 लाख और पुस्तकालय की किताबों के लिए ₹2 लाख, जबकि सुल्तानपुर के विकास के लिए ₹21 लाख और गुरुद्वारे के लिए ₹5 लाख देने की घोषणा की गई। सोंटी और बीर सोंटी में विकास कार्यों के लिए ₹21-21 लाख की राशि घोषित की गई।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में हरियाणा सरकार ने करीब 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और भर्ती प्रक्रिया योग्यता के आधार पर की गई है। उन्होंने पिछली सरकार पर भर्ती में पैसे और सिफारिश की जरूरत होने का आरोप लगाया।
सैनी ने कहा कि चुनाव से पहले किए गए 217 वादों में से 70 पूरे किए जा चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है। उन्होंने सड़क ढांचे के विस्तार और प्रमुख मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की जानकारी भी दी।
कृषि के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां किसानों की सभी 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और भावांतर भरपाई योजना का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान फसल नुकसान के लिए ₹137 करोड़ का मुआवजा दिया गया था, जबकि मौजूदा सरकार ने ₹16,500 करोड़ दिए हैं।
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