पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय सेना के पराक्रम का अनोखा संगम
पंजाब की सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय सेना के पराक्रम का अनोखा संगम
ख़बर ख़ास | नई दिल्ली
राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब, हरप्रीत संधू ने आज पश्चिमी कमान के मुख्यालय चंडीमंदिर का दौरा किया और जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, एवीएसएम, एसएम से एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत की समृद्ध सैन्य विरासत, गौरवशाली इतिहास और पंजाब के साथ भारतीय सेना के मजबूत संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान हरप्रीत संधू ने लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह को अपनी खास कलाकृति 'पीकॉक - द ग्लोरी ऑफ इंडिया' भेंट की, जो देश की अनूठी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बहुचर्चित कॉफी टेबल बुक 'सुखना झील एट डॉन' भी प्रस्तुत की। यह किताब चंडीगढ़ के 75वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में शहर की वास्तुकला, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित एक विशेष प्रयास है।
संधू ने अपना शोध प्रकाशन 'व्हीट फील्ड्स ऑफ पंजाब - द स्पिरिट ऑफ विसाखी' भी जीओसी को भेंट किया। यह प्रकाशन पंजाब की समृद्ध कृषि परंपरा, यहाँ के जनजीवन और भारतीय सेना के बीच के ऐतिहासिक व अटूट जुड़ाव को बखूबी रेखांकित करता है।
बैठक में सेना और नागरिक समाज के बीच के रिश्ते को मजबूत करने और राष्ट्रीय विरासत को सहेजने पर खास बल दिया गया। इस अवसर पर पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने हरप्रीत संधू की इन सांस्कृतिक पहलों की सराहना की और उन्हें पश्चिमी कमान का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (Insignia) भेंट कर सम्मानित किया। यह प्रतीक चिन्ह भारतीय सेना के अदम्य साहस, सेवा भावना और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।
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