प्रदेश में 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 2.26 लाख किशोरियों को कवर करने के लिए 2.28 लाख वैक्सीन डोज की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश में 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 2.26 लाख किशोरियों को कवर करने के लिए 2.28 लाख वैक्सीन डोज की व्यवस्था की गई है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा सरकार ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को तेज कर दिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज यहां राज्य स्तरीय संचालन समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए टीकाकरण अभियान के विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 2.26 लाख किशोरियों को कवर करने के लिए 2.28 लाख वैक्सीन डोज की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि गत 22 अप्रैल तक राज्य में 13,500 से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन दी जा चुकी है, जिनमें से 561 को अभियान के पहले दिन ही टीका लगाया गया।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा की सिंगल-डोज टीकाकरण रणनीति भविष्य में इस बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया, रेडियो, प्रिंट मीडिया और सामुदायिक मंचों के माध्यम से जागरूकता अभियान बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि वैक्सीन के बारे में किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर कर लोगों का विश्वास बढ़ाया जा सके।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे वरिष्ठ डॉक्टरों, समुदाय के मौजिज लोगों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए कि वह स्कूल प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर अभिभावकों को प्रेरित करे और टीकाकरण के लिए छात्राओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी करे।
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के 99.7 फीसद मामलों के लिए है जिम्मेदार
गौरतलब है कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) एक सामान्य संक्रमण है, जो महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के निचले हिस्से का कैंसर) के लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण से बचाव करती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम करती है। भारत में महिलाओं में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है और टीकाकरण इसके खिलाफ एक प्रभावी रोकथाम उपाय माना जाता है। यह वैक्सीन सुरक्षित व प्रभावी है और केन्द्र सरकार द्वारा वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद अनुमोदित की गई है। विश्व के 160 से अधिक देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों के तहत यह वैक्सीन लगाई जा रही है।
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