130 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, ‘100% शुद्ध’ और ‘प्रीमियम घी’ के नाम पर बेचा जा रहा था नकली माल; खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल का खुलासा
130 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, ‘100% शुद्ध’ और ‘प्रीमियम घी’ के नाम पर बेचा जा रहा था नकली माल; खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल का खुलासा
हैदराबाद में मिलावटी घी के बड़े नेटवर्क का पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने पर्दाफाश किया है। विश्वसनीय जानकारी और लोगों से मिली शिकायतों के आधार पर ‘हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम’ ने खाद्य सुरक्षा विभाग के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। अभियान के दौरान 130 ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 36 टन मिलावटी घी, कच्चा माल, तेल, कृत्रिम फ्लेवर और रासायनिक सामग्री जब्त की गई।
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने बताया कि एक साथ की गई इस कार्रवाई में घी बनाने वाली 39 इकाइयों और घी की बिक्री करने वाले 91 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ स्थानों पर असली घी जैसा स्वाद, खुशबू और रंग-रूप तैयार करने के लिए घटिया और गैर-डेयरी सामग्री के साथ खतरनाक तथा बिना मंजूरी वाले रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अभियान के दौरान प्रवर्तन टीमों ने 36 टन मिलावटी घी के अलावा क्रीम, पाम ऑयल, वनस्पति, कृत्रिम घी फ्लेवर, स्टार्च और अन्य रासायनिक सामग्री बरामद की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न उत्पादों के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, इस मिलावटी घी की पैकेजिंग और ब्रांडिंग इस तरह की जाती थी कि ग्राहक उसे असली देसी घी समझ लें। इसे ‘100 प्रतिशत शुद्ध घी’, ‘प्रीमियम घी’, ‘फार्म फ्रेश घी’ और ‘नेचुरल घी’ जैसे नामों से बाजार में बेचा जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, कुछ उत्पादों में डेयरी सामग्री तक मौजूद नहीं थी।
जांच में पता चला कि मिलावटी घी तैयार करने के लिए पाम ऑयल, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, स्टार्च और कृत्रिम फ्लेवर जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता था। तैयार उत्पाद में मिलावट का स्तर करीब 10 से 40 प्रतिशत तक बताया गया है। मिलावट की मात्रा के आधार पर अलग-अलग ग्राहकों को इसकी सप्लाई की जाती थी।
पुलिस के अनुसार, इस नकली घी की मांग पूजा-पाठ के लिए घी इस्तेमाल करने वालों के अलावा रेस्तरां, टिफिन सेंटर, मिठाई बनाने वाली इकाइयों और आयुर्वेदिक दुकानों में भी थी। घी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दूध की मलाई महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों से मंगाई जाती थी।
अधिकारियों का कहना है कि सस्ती सामग्री और तेलों का इस्तेमाल कर बेहद कम लागत में मिलावटी घी तैयार किया जाता था और फिर उसे असली घी के नाम पर ऊंची कीमतों में बेचा जाता था। इस तरह आरोपी भारी अवैध मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह मिलावटी घी तेलंगाना के अलावा आसपास के राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई और केस दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। वहीं जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की लैब जांच के बाद मिलावट की वास्तविक प्रकृति और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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