सीएम सुक्खू ने कहा-पूर्व सरकार में हुए घोटालों की जांच कराएगी सरकार बोले, इसमें दोषियों को भेजेंगे सलाखों के पीछे
सीएम सुक्खू ने कहा-पूर्व सरकार में हुए घोटालों की जांच कराएगी सरकार बोले, इसमें दोषियों को भेजेंगे सलाखों के पीछे
खबर खास, शिमला :
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र में आज, शनिवार को हिमकेयर योजना को लेकर जमकर हंगामा बरपा। इस बीच सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में जुबानी नोकझोंक हुई। सीएम सुक्खू ने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकार में जितने घोटाले हुए हैं, उन सभी की जांच सरकार कराएगी और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना की ऑडिट की इंटरनल रिपोर्ट में 100 करोड़ से 110 करोड़ का संभावित घोटाला सामने आया है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना में घोटाले की सरकार जांच कर रही है। सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना से मर्दों के बच्चेदानी के भी ऑपरेशन हो गए।
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनकी सरकार में हिमकेयर योजना में एक मरीज पर औसतन 11 हजार खर्च आया। लेकिन कांग्रेस सरकार में वही खर्च बढ़कर 14 हजार हो गया। उन्होंने सीएम पर योजना को बदनाम कर बंद करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हिमकेयर योजना की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि सीएम सदन के अंदर और बाहर हर बात पर झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा- अभी जांच हुई नहीं है और सीएम कैसे निष्कर्ष पर पहुंच गए कि हिमकेयर में घोटाला हुआ। यह सिर्फ योजना को बंद करने के लिए कहा जा रहा है।
वहीं, सीएम ने कहा कि इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेशों के बाद विपक्ष बौखला गया है। भाजपा ने अपने समय में हिमकेयर में लोगों की आंखों में एक्सपायरी डेट के लेंस लगवाए।
प्रश्नकाल के दौरान पालमपुर से कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल के प्रश्न के उत्तर में सीएम कहा- स्मार्ट मीटर लगाने की केंद्र सरकार की योजना है। राज्य में जितने भी स्मार्ट मीटर लग रहे हैं, वे सब केंद्र के तय मानकों के आधार पर लग रहे हैं। जहां भी उपभोक्ताओं के अधिक बिल आ रहे हैं, वे संबंधित डिवीजन में इसकी शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
निजी स्कूलों मनमानी रोकने को एक्ट में संशोधन करेंगे: रोहित
दून से कांग्रेस विधायक राम कुमार के सवाल पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य में प्राइवेट स्कूलों की फीस निर्धारित करने के लिए एक्ट में संशोधन किया जाएगा। राम कुमार ने कहा कि कई प्राइवेट स्कूल शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले मनमाने ढंग से फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु ने नीचे स्कूलों की फीस स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए अपना एक्ट बदला है। अब हिमाचल प्रदेश में भी इस पर विचार किया जाएगा।
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