जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का दिया आश्वासन; शिक्षा सुधारों पर चार सप्ताह बाद फिर होगी सीजेपी और सरकार की बैठक
जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का दिया आश्वासन; शिक्षा सुधारों पर चार सप्ताह बाद फिर होगी सीजेपी और सरकार की बैठक
खबर खास | नई दिल्ली
कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने बातचीत को महत्वपूर्ण सफलता बताया। बैठक में सरकार की ओर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए।
सीजेपी नेताओं के अनुसार, सरकार ने पार्टी द्वारा रखी गई सभी पांच मांगों को स्वीकार कर लिया है। बैठक के बाद सीजेपी नेता सौरभ दास ने घोषणा की कि जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दास ने कहा कि आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें थीं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, देशभर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामलों और एफआईआर
को वापस लेना तथा भविष्य में उनके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न किए जाने का आश्वासन। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने इन सभी मांगों पर सहमति जताई है।
दास ने आगे बताया कि पार्टी ने शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों को लेकर पांच सूत्रीय मांग-पत्र भी सरकार को सौंपा है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए सीजेपी करीब चार सप्ताह बाद सरकार से फिर मुलाकात करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष प्रस्तावित सुधारों पर आगे भी मिलकर काम करेंगे।
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सीजेपी द्वारा सौंपे गए लिखित प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात पर सहमत है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लागू नियमों के अनुसार मुआवजा देने और पार्टी के पांच सूत्रीय सुधार प्रस्ताव पर विचार करने की बात भी कही गई है।
नड्डा ने यह भी कहा कि संबंधित एफआईआर की प्रतियां प्रदर्शनकारियों को उपलब्ध कराई जाएंगी और उनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मुआवजे के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील है और मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत अधिकतम संभव राहत प्रदान करेगी।
यह घटनाक्रम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के कुछ ही समय बाद सामने आया। प्रधान का इस्तीफा सीजेपी के नेतृत्व वाले आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल था। सीजेपी नेताओं ने इस इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे अपने आंदोलन की बड़ी जीत बताया।
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