दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का प्रकोप बढ़ा; दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 दर्ज, पंजाबी बाग सबसे प्रदूषित इलाका
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का प्रकोप बढ़ा; दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 दर्ज, पंजाबी बाग सबसे प्रदूषित इलाका
खबर खास | नई दिल्ली
दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।
दिल्ली का औसत एक्यूआई 377, पंजाबी बाग सबसे प्रदूषित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से बुधवार, 4 नवंबर को सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 377 दर्ज किया गया। नोएडा में एक्यूआई 314, ग्रेटर नोएडा में 266, गाजियाबाद में 236 और गुरुग्राम में 324 रहा।
दिल्ली के प्रदूषण निगरानी केंद्रों में पंजाबी बाग सबसे प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 456 दर्ज किया गया। इसके बाद जहांगीरपुरी में 450 और मुंडका में 443 एक्यूआई रहा। रोहिणी और डीटीयू में यह आंकड़ा 436-436, जबकि विवेक विहार में 435 दर्ज किया गया।
दिल्ली के कई इलाकों में भी गंभीर स्थिति
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। अलीपुर में एक्यूआई 422, आईटीओ में 421, पटपड़गंज में 419, नरेला में 419, ओखला फेज-2 में 414 और बवाना में 411 दर्ज किया गया।
द्वारका सेक्टर-8 में एक्यूआई 400 और आया नगर में 382 रहा। वहीं, चांदनी चौक में 370, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 में 360, अशोक विहार में 348, बदरपुर में 334, लोधी रोड में 316 और आनंद विहार में 302 एक्यूआई दर्ज किया गया।
नोएडा के सेक्टर-62 में एक्यूआई 426
नोएडा में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सेक्टर-62 में एक्यूआई 426 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। सेक्टर-150 में 351, सेक्टर-110 में 349 और सेक्टर-39 में 321 एक्यूआई रहा।
इसके अलावा सेक्टर-116 में 261, सेक्टर-1 में 244 और सेक्टर-125 में 243 एक्यूआई दर्ज किया गया।
दिवाली से पहले जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता
दिवाली नजदीक आने के साथ ही प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जहरीली हवा का सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को है। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से इन वर्गों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
त्योहार के दौरान प्रदूषण और बढ़ने की आशंका
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने के आंकड़े सामने आ रहे हैं। इससे त्योहार के दौरान हवा की गुणवत्ता और खराब होने की आशंका बढ़ गई है। कई इलाकों में एक्यूआई गंभीर स्तर पर पहुंचने से लोगों को प्रदूषण के प्रभावों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
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