मुख्यमंत्री बोले- रोपवे सरकार की प्राथमिकता; पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए PPP और EAP मॉडल से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री बोले- रोपवे सरकार की प्राथमिकता; पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए PPP और EAP मॉडल से परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी
खबर खास | शिमला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य में रोपवे विकास योजनाओं में निजी निवेशकों को भाग लेने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि अधिक लागत के बावजूद रोपवे परियोजनाएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दुर्गम और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रोपवे नेटवर्क से जोड़ना है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में रोपवे कनेक्टिविटी का विस्तार करना चाहती है। कई दूरदराज और पर्यटन क्षेत्रों में रोपवे विकसित किए जाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। हालांकि, वित्तीय संसाधनों की कमी और विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के कारण कई परियोजनाओं में देरी हुई है।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि शिमला में प्रस्तावित एक रोपवे परियोजना की निविदा प्रक्रिया के मूल्यांकन के दौरान अनुमानित लागत करीब 2,700 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के कारण सरकार ने इस परियोजना को रद्द करने का फैसला लिया।
सुक्खू ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल में हाल ही में रोपवे परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) और एक्सटर्नल एडेड प्रोजेक्ट (EAP) मॉडल के जरिए आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि निवेश को आकर्षक बनाने और लंबे समय में जनता को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से PPP परियोजनाओं की रियायत अवधि को 30 से 35 वर्ष तक सीमित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
निजी निवेशकों से हिमाचल में निवेश की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के पास फिलहाल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करीब 1,200 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। सरकार रोपवे परियोजनाओं में निवेश करने वाले निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना और अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित करना है। रोपवे नेटवर्क के विस्तार से परिवहन व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सुक्खू ने विधायकों को यह भी आश्वासन दिया कि वन संरक्षण अधिनियम (FCA) के तहत आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने के प्रयास किए जाएंगे। पहाड़ी राज्य में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी का यह एक प्रमुख कारण रहा है।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने हिमानी चामुंडा रोपवे परियोजना से संबंधित जानकारी मांगी और क्योरी से बिलिंग तक रोपवे संपर्क विकसित करने की संभावना पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला और हिमानी चामुंडा दोनों परियोजनाएं एक निजी कंपनी को आवंटित की गई थीं, लेकिन पिछले चार वर्षों में इनमें कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई।
चिंतपूर्णी के विधायक राकेश कालिया ने चिंतपूर्णी रोपवे परियोजना से जुड़ी सुविधाओं में सुधार का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस सुझाव पर उपमुख्यमंत्री के साथ चर्चा कर विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार हिमाचल प्रदेश में रोपवे बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0