होर्मुज स्ट्रेट पर असर से सप्लाई बाधित, 18 दिनों में 40% से ज्यादा बढ़ीं कीमतें; कई देशों में महंगाई का खतरा बढ़ा
होर्मुज स्ट्रेट पर असर से सप्लाई बाधित, 18 दिनों में 40% से ज्यादा बढ़ीं कीमतें; कई देशों में महंगाई का खतरा बढ़ा
ख़बर ख़ास, देश :
अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता नजर आ रहा है। इस संघर्ष का आज 18वां दिन है और इसके चलते इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, तेल की कीमतें बढ़कर 153 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो हाल के वर्षों के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक मानी जा रही है।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और सप्लाई चेन पर पड़ा असर है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में से एक है, वहां की स्थिति ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल 18 दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दबाव साफ देखा जा सकता है।
इस उछाल का सबसे ज्यादा असर उन देशों पर पड़ रहा है जो तेल आयात पर निर्भर हैं। एशियाई देशों में इसका प्रभाव तेजी से महसूस किया जा रहा है, जहां पहले से ही आर्थिक चुनौतियां मौजूद हैं। तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन, बिजली उत्पादन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और गहरा गई है।
इसी बीच, ऊर्जा संकट से जूझ रहे देशों ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। श्रीलंका ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कार्यालयों को अब सप्ताह में केवल चार दिन खोलने का ऐलान किया है। इस कदम का उद्देश्य फ्यूल की बचत करना और बढ़ते ऊर्जा संकट को नियंत्रित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले समय में वैश्विक बाजारों में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0