AI से बनाए गए विज्ञापन में ‘सिंह’ नाम और भारतीय शक्ल को लेकर संगठनों ने जताई आपत्ति, नस्लीय प्रोफाइलिंग का लगाया आरोप
AI से बनाए गए विज्ञापन में ‘सिंह’ नाम और भारतीय शक्ल को लेकर संगठनों ने जताई आपत्ति, नस्लीय प्रोफाइलिंग का लगाया आरोप
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विज्ञापन में ‘मिस्टर सिंह’ को संबोधित करते हुए उन्हें अमेरिका की सड़कों से हटने और देश छोड़ने की बात कही गई है। अधिकार संगठनों ने इस विज्ञापन की आलोचना करते हुए इसे नस्लीय प्रोफाइलिंग और भेदभावपूर्ण संदेश बताया है।
DHS ने बिना लाइसेंस वाले व्यावसायिक ड्राइवरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के प्रचार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर AI से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल किया। इनमें भूरी दाढ़ी वाले एक व्यक्ति को दिखाया गया है और उसके साथ संदेश दिया गया कि ‘मिस्टर सिंह’ को अमेरिका की सड़कों से हट जाना चाहिए क्योंकि उन्हें गाड़ी चलाना नहीं आता।
अभियान के एक पोस्ट में हॉलीवुड फिल्म फ्रैंचाइजी ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ के खलनायक मेगाट्रॉन को भी दिखाया गया है। वीडियो में वह कुछ ट्रक ड्राइवरों की रिहाई के लिए बातचीत करता नजर आता है। इनमें हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकजान बेशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह के नाम शामिल हैं, जिनका उल्लेख सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों के मामलों के संदर्भ में किया गया है।
DHS ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जो लोग अमेरिका के खिलाफ दुश्मनी की भावना के साथ देश में आते हैं, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी और अमेरिकी मूल्यों तथा देश की सुरक्षा की रक्षा करेगी। एक अन्य पोस्ट में ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ के नायक ऑप्टिमस प्राइम को DHS बैज के साथ दिखाया गया है। वह भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति का सामना करते हुए ‘खुद देश छोड़ दें या अंजाम भुगतें’ जैसा संदेश देता दिखाई देता है।
विज्ञापन में खास तौर पर ‘मिस्टर सिंह’ नाम के इस्तेमाल पर हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन समेत कई संगठनों ने आपत्ति जताई है। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कहा कि ‘सिंह’ नाम हिंदू और सिख दोनों समुदायों के लोग इस्तेमाल करते हैं और अमेरिका में रहने वाले कई नागरिकों का भी यह उपनाम है। संगठन ने DHS की पोस्ट को नस्लवादी और गैर-अमेरिकी बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।
सिख कोएलिशन ने भी इस अभियान की आलोचना की। संगठन का कहना है कि 9/11 के 25 साल बाद भी सिख समुदाय को उनके रूप-रंग और पहचान के आधार पर निशाना बनाए जाने की समस्या बनी हुई है। संगठन ने कहा कि अमेरिका में लाखों सिख ‘सिंह’ उपनाम का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है।
यह विवाद DHS के ‘CBP Home’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने वाले अभियान के दौरान सामने आया है। इस कार्यक्रम के तहत पात्र और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने के लिए पंजीकरण कराने की सुविधा दी जाती है। DHS के अनुसार, सेल्फ-डिपोर्टेशन के लिए पंजीकरण कराने वाले पात्र लोगों को यात्रा में सहायता के साथ 2,600 अमेरिकी डॉलर तक का एग्जिट बोनस भी मिल सकता है।
विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अवैध या बिना लाइसेंस वाले ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई के संदेश में किसी खास नाम और समुदाय की पहचान को इस तरह शामिल करना क्या उचित है। अधिकार संगठनों का कहना है कि कानून लागू करने के अभियान को किसी समुदाय या नस्लीय पहचान से जोड़ना भेदभावपूर्ण धारणा को बढ़ावा दे सकता है।
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