दिल्ली से मथुरा-वृंदावन और मुंबई तक दिखा उत्सव का रंग, मंगला आरती और विशेष पूजा में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु
दिल्ली से मथुरा-वृंदावन और मुंबई तक दिखा उत्सव का रंग, मंगला आरती और विशेष पूजा में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु
देशभर में जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने मंगला आरती, विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेकर कान्हा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
राजधानी दिल्ली में ईस्ट ऑफ कैलाश और द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंगला आरती के दौरान मंदिरों में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। वहीं, बिरला मंदिर को भी जन्माष्टमी के लिए विशेष रूप से सजाया गया था, जहां श्रद्धालुओं ने सुबह की पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में मंगला आरती और विशेष पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्त कृष्ण भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए। मथुरा के अन्य मंदिरों में भी पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सव का माहौल बना रहा।
वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में भी जन्माष्टमी की आरती के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के चलते मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
मुंबई में भी जन्माष्टमी का उल्लास देखने को मिला। चौपाटी स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालु मंगला आरती और विशेष पूजा में शामिल हुए। देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई और पुलिस की तैनाती की गई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और निष्काम कर्म के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश मानवता का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और आराधना का यह पावन अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनके संदेश भारतीय संस्कृति और दर्शन में नई ऊर्जा भरते हैं। राष्ट्रपति ने लोगों से सत्य, धर्म, न्याय, करुणा और निष्काम कर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
जन्माष्टमी हिंदू पंचांग के भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में मंदिरों में विशेष सजावट, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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