तय गुणवत्ता मानकों पर फेल हुए दोनों ब्रांडों के नमूने, कच्ची हींग में भी मानकों से कई गुना अधिक स्टार्च मिलने पर खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने जारी किया बिक्री निषेध आदेश
तय गुणवत्ता मानकों पर फेल हुए दोनों ब्रांडों के नमूने, कच्ची हींग में भी मानकों से कई गुना अधिक स्टार्च मिलने पर खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने जारी किया बिक्री निषेध आदेश
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हींग की गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख मसाला ब्रांडों एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। दोनों कंपनियों के उत्पाद खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
FSSAI के मुताबिक, हींग की गुणवत्ता को लेकर मिली उपभोक्ता शिकायतों के बाद बाजार में उपलब्ध उत्पादों के नमूने लिए गए। इसके साथ ही मुंबई और गुजरात स्थित दोनों कंपनियों के संयंत्रों का भी निरीक्षण किया गया। प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों के दौरान दोनों कंपनियों के लिए गए सभी नमूने निर्धारित मानकों से काफी नीचे पाए गए।
प्राधिकरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दोनों कंपनियों के खिलाफ बिक्री निषेध के आदेश जारी किए गए हैं। जांच के दौरान सामने आई कमियों को गंभीरता से लेते हुए FSSAI ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
कंपाउंडेड हींग में बेहद कम मिली असली हींग की मात्रा
खाद्य सुरक्षा विनियम, 2011 के तहत कंपाउंडेड हींग की गुणवत्ता जांचने के लिए यह देखा जाता है कि उसमें कम से कम पांच प्रतिशत पदार्थ अल्कोहल में घुलनशील है या नहीं। यह परीक्षण उत्पाद में मौजूद वास्तविक कच्ची हींग की पर्याप्त मात्रा का संकेत देता है।
हालांकि, जांच किए गए नमूनों में अल्कोहल में घुलनशील पदार्थ की मात्रा महज 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई। निर्धारित पांच प्रतिशत मानक की तुलना में यह मात्रा काफी कम थी। इससे उत्पाद में कच्ची हींग की पर्याप्त मात्रा इस्तेमाल नहीं किए जाने की आशंका सामने आई।
LG की कच्ची हींग में भी मानकों का उल्लंघन
जांच के दौरान लालजी गोधू एंड कंपनी की मुंबई इकाई से ली गई कच्ची हींग के छह अलग-अलग नमूनों का भी परीक्षण किया गया। इन नमूनों में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निर्धारित मानकों के अनुसार कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। लेकिन LG के नमूनों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई। यानी उत्पाद में निर्धारित सीमा की तुलना में कई गुना अधिक स्टार्च मौजूद था।
FSSAI ने इस मामले को खाद्य गुणवत्ता मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है। प्राधिकरण ने दोनों खाद्य कारोबारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं और बाजार में पहले से मौजूद घटिया उत्पादों को स्वेच्छा से वापस मंगाने की सलाह दी है।
इसके अलावा, दोनों कंपनियों से विस्तृत कार्ययोजना भी मांगी गई है। इसमें कंपनियों को यह बताना होगा कि सामने आई कमियों को दूर करने के लिए वे क्या कदम उठाएंगी और भविष्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हींग का उत्पादन किस तरह सुनिश्चित करेंगी।
FSSAI की इस कार्रवाई के बाद मसाला उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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