हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की जाट समुदाय पर की गई टिप्पणी पर जताई आपत्ति
हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की जाट समुदाय पर की गई टिप्पणी पर जताई आपत्ति
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
भाजपा नेता एवं अजय योद्धा महाराजा सूरजमल ट्रस्ट के अध्यक्ष महिपाल चौशाला ने हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के हालिया बयान पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष ने पिछली सरकारों पर सरकारी नौकरियों में एक विशेष जाति को तरजीह देने का आरोप लगाते हुए “कुर्ता खूंटी पर टांगने” जैसी टिप्पणी की थी।
चौशाला ने कहा कि जाट समाज को केवल ‘विशेष जाति’ के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि हरियाणा के निर्माण, विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले समाज के रूप में देखा जाना चाहिए।
“जाट सिर्फ विशेष समुदाय नहीं हैं, बल्कि बेहतरीन वर्ग हैं। इस समाज के बिना हरियाणा की राजनीति अधूरी है, खेल जगत अधूरा है, देश की सीमाएं अधूरी हैं और खेत-खलिहान भी अधूरे हैं।” — महिपाल चौशाला
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा, कृषि, खेल और सामाजिक विकास में जाट समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों तक, समाज के लोगों ने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
“हमें जाट होने पर गर्व है”
भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें जाट होने पर गर्व है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपील की कि किसी भी जाति या समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों से बचना चाहिए।
“राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जाति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों से बचना चाहिए। राजनीति को समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।”
चौशाला ने कहा कि हरियाणा की पहचान किसी एक समाज से नहीं, बल्कि सभी समुदायों के सामूहिक योगदान से बनी है। उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व से ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने की अपील की, जो सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और एकता को मजबूत करे, न कि समाज में विभाजन पैदा करे।
उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के सामाजिक, राजनीतिक, कृषि, खेल और सैन्य क्षेत्रों में जाट समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भाजपा के भीतर से ही उठी आवाज
महिपाल चौशाला की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने अपनी ही पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर सार्वजनिक रूप से असहमति जताई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक असहमति स्वाभाविक है, लेकिन नेताओं को ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए जिनसे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों। उनके अनुसार, सामाजिक सौहार्द हरियाणा की राजनीति का महत्वपूर्ण आधार रहा है और प्रदेश की आगे की प्रगति सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही संभव है।
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