श्री भैणी साहिब में कार्यक्रम में पहुंचे सीएम सैनी, बोले—नामधारी सिखों के बलिदान रहेंगे हमेशा स्मरणीय
श्री भैणी साहिब में कार्यक्रम में पहुंचे सीएम सैनी, बोले—नामधारी सिखों के बलिदान रहेंगे हमेशा स्मरणीय
ख़बर खास, हरियाणा :
हरियाणा के सीएम सैनी ने महान संत, समाज सुधारक और राष्ट्र चेतना के अग्रदूत सतगुरु राम सिंह जी महाराज की जयंती के अवसर पर पंजाब के जिला लुधियाना स्थित श्री भैणी साहिब, समराला में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर सीएम सैनी ने सतगुरु राम सिंह जी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि बाबा जी के विचार समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए आज भी मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि सतगुरु राम सिंह जी महाराज का जीवन मानवता, नैतिकता और राष्ट्रहित पर आधारित सच्चे विकास की प्रेरणा देता है।
सीएम सैनी ने आयोजक समिति की मांग पर कहा कि समिति के सदस्यों से विचार-विमर्श के उपरांत सतगुरु राम सिंह जी महाराज के नाम पर हरियाणा सरकार चेयर स्थापित करने का कार्य करेगी।
सीएम सैनी ने कूका आंदोलन के दौरान देश की आज़ादी के लिए शहीद हुए सभी नामधारी सिखों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सतगुरु राम सिंह जी ऐसे युगदृष्टा संत थे, जिन्होंने धर्म को कर्म से, भक्ति को समाज सुधार से और अध्यात्म को राष्ट्र सेवा से जोड़ा। उन्होंने उस समय समाज को दिशा दी, जब भारत पराधीनता की बेड़ियों में जकड़ा था और सामाजिक कुरीतियां गहरी जड़ें जमा चुकी थीं। ऐसे समय में सतगुरु राम सिंह जी ने नामधारी आंदोलन के माध्यम से समाज को आत्मसम्मान, अनुशासन और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया।
CM सैनी ने कहा कि सतगुरु राम सिंह जी के नेतृत्व में चला कूका आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक गाथा है। 1849 के बाद पंजाब में ब्रिटिश शासन व्यवस्था के विरोध में यह आंदोलन शुरू हुआ, जो केवल आर्थिक नहीं बल्कि भारत की आत्मा को जगाने का प्रयास था। सीएम सैनी ने कहा कि सतगुरु राम सिंह जी ने असहयोग और स्वदेशी के माध्यम से शांतिपूर्ण आज़ादी की लड़ाई का मार्ग दिखाया, जिसे बाद में महात्मा गांधी जी ने अपनाया। उन्होंने विदेशी वस्तुओं और अंग्रेजी संस्थाओं का बहिष्कार कर पंचायतों की स्थापना की तथा स्वदेशी का प्रचार किया।
सीएम सैनी ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि बाबा राम सिंह जी का आंदोलन अंग्रेजी शासन के विरुद्ध सशक्त चुनौती था। अन्याय के विरोध के कारण उन्हें रंगून निर्वासित किया गया, लेकिन उनके विचारों को कैद नहीं किया जा सका। आंदोलन को दबाने के लिए 1872 में 49 और 16 नामधारी सिखों को तोपों से शहीद किया गया। 1857 से 1947 तक नामधारी सिखों का संघर्ष जारी रहा और अंततः सभी बलिदानों से सतगुरु राम सिंह जी महाराज का आज़ादी का सपना साकार हुआ।
सीएम सैनी ने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने आजादी के लिए नामधारी सिखों की कुर्बानियों को स्मरण करते हुए कहा था कि सतगुरु राम सिंह जी के फहराए हुए आजादी के झंडे तले नामधारी कूकों ने जो कुर्बानियां दी हैं, उन पर देश सदा गर्व करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर कूका आंदोलन के शहीदों की याद में 24 दिसम्बर, 2014 को डाक टिकट जारी किया गया।
सीएम सैनी ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सतगुरु राम सिंह जी का जीवन आज के युवाओं के लिए जीवंत प्रेरणा है। आधुनिकता अपनाइए, तकनीक में आगे बढ़िए, लेकिन अपने संस्कारों और मूल्यों को कभी न छोड़िए। उन्होंने कहा कि सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए योगदान से मापी जाती है।
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार संत परंपरा, सामाजिक समरसता, नशामुक्त समाज, युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम सैनी ने आह्वान किया कि सतगुरु बाबा राम सिंह जी के विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखकर अपने जीवन में उतारें और एक नशामुक्त, भेदभाव मुक्त, नैतिक तथा सशक्त समाज के निर्माण में योगदान दें।
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