जालंधर में दिखाया पार्टी के झंडे के रंग में रंगे सरकारी स्कूल का नमूना
जालंधर में दिखाया पार्टी के झंडे के रंग में रंगे सरकारी स्कूल का नमूना
खबर खास, जालंधर/चंडीगढ़ :
पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने चेताया कि फ्लॉप एजुकेशन पॉलिसी के तहत सरकारी स्कूलों को पार्टी के झंडे के रंग में रंगकर पंजाब के लोगों को मूर्ख बनाने का काम कर रही है। स्कूली बच्चों को बांटने की कोशिश की जा रही है। पंजाब सरकार जात-पात और रंग के भेद से बच्चों को न बांटें। दिल्ली वालों की छाया से बाहर आकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को इस मामले में इंसानियत दिखानी चाहिए।
परगट सिंह आज मीडिया के साथ जालंधर ईस्ट ब्लॉक के लाडोवाली रोड स्थित सरकारी गर्ल्ज सीनियर सैकेंडरी स्कूल पहुंचे। जहां उन्होंने सरकारी स्कूल की दीवारी पर किया गया आम आदमी पार्टी के झंडे के रंग का सबूत दिखाया। उन्होंने बताया कि इस स्कूल की दीवार को कुछ समय पहले ही बनाया गया था। इनको विभिन्न पेंटिंग्स से रंगा गया था, लेकिन नए फरमान के बाद इस स्कूल की दीवार को फिर से खर्च करके आप के झंडे के नीले-पीले रंग में रंग दिया गया है।
परगट सिंह ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बैंस बताएं कि कौन से एक्सपर्ट ने यह रंग सुझाया है। जबकि सबको पता है कि वो एक्सपर्ट दिल्ली के हैं। जो पंजाब सरकार को बता रहे हैं कि कौन सा रंग करना है। पार्टी ने दिल्ली के 100 एक्सपर्ट पंजाब में छोड़ तो रखे हैं।
उन्होंने कहा कि यह गुरुओँ की धरती है, यहां इंसानियत की बात पहले होती है। उसके बाद सारी जातों और धर्मों की बात होती है। इस तरह बच्चों को न बांटा जाए। ताकि पंजाब गुलदस्ता बना रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब के हितों की बात करनी चाहिए।
उन्होंने फिर दोहराया कि मुख्यमंत्री मान साब कूची फेरने से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता। सरकार को स्कूलों में अच्छे टीचर भर्ती करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम करना चाहिए। आज भी ज्यादातर स्कूल टीचर सड़कों पर धरने दे रहे हैं। 1159 सहायक प्रोफेसरों के जीवन को भी पंजाब सरकार ने अंधकार में डाल दिया है। पंजाब पहले ही देश के अन्य राज्यों के मुकाबले शिक्षा में पिछड़ चुका है। वह अन्य राज्यों का मुकाबला ही नहीं कर पा रहा है।
शिक्षा क्रांति का उद्हारण देते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि मनीष सिसोदिया 2020 में पंजाब में मॉडल स्कूल दिखा चुके हैं, लेकिन 2024 में इस स्कूल के 5 हजार बच्चों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करना पड़ा। क्योंकि उस स्कूल की बिल्डिंग अनसेफ घोषित किया गया। यही आम आदमी पार्टी की शिक्षा क्रांति की सच्चाई है। सच यह भी है कि दिल्ली में भी शिक्षा मॉडल बने स्कूलों को गिराने की नौबत आ चुकी है।
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